केंद्र सरकार की 'रीढ़' कही जाने वाली केंद्रीय सचिवालय सेवा 'सीएसएस' में दस साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे सहायक अनुभाग अधिकारी 'एएसओ' अब सेक्शन अफसर यानी 'एसओ' बन जाएंगे। मंगलवार को डीओपीटी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने खुद यह घोषणा की है। उन्होंने कहा, सीएसएस के करीब 1600 'एएसओ' को अनुभाग अधिकारी यानी 'एसओ' की एडहॉक पदोन्नति दी जाएगी। उनकी इस घोषणा से उन अधिकारियों के चेहरे खिल गए हैं, जो लंबे समय से इसके लिए संघर्ष कर रहे थे। सहायक अनुभाग अधिकारी 'एएसओ' को तय समय पर पदोन्नति न मिलने के कारण उन्हें करीब दस हजार रुपये मासिक, आर्थिक नुकसान हो रहा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगाई थी गुहार ...
बता दें कि गत सप्ताह सीएसएस फोरम (केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों की एसोसिएशन) ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई थी। पिछले दिनों सैंकड़ों सीएसएस अधिकारी, नॉर्थ ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उसके बाद डीओपीटी की तरफ से कहा गया कि जल्द ही विभागीय पदोन्नति कमेटी यानी 'डीपीसी' की बैठक होगी। जुलाई में पदोन्नति दे दी जाएगी। इस बीच फोरम को मालूम हुआ कि डीओपीटी द्वारा जो पॉलिसी बनाई जा रही है, उसमें केवल 800 से 1000 तक पदोन्नति देने की बात है। साल 2013 और 2014 बैच के लगभग दो हजार एएसओ, अनुभाग अधिकारी बनने की योग्यताएं पूरी करते हैं।
कुछ महीने बाद रिटायर हो जाएंगे कई एएसओ …
इस मामले में उत्तर प्रदेश के बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से बसपा सांसद मलूक नागर, जो संसदीय स्थायी समिति, कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य हैं, ने सचिव, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग राधा चौहान को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने 'एसओ' यानी अनुभाग अधिकारी ग्रेड में पदोन्नति का मुद्दा उठाया। नागर ने लिखा, केंद्र सरकार में 'एसओ' के करीब 2100 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। डीओपीटी द्वारा इस मामले में केवल आधे ही पदों को भरने की तैयारी हो रही है। अगर ऐसा होता है तो 2013 बैच के लगभग आठ सौ सहायक अनुभाग अधिकारी 'एएसओ', जो पदोन्नति के लिए कई वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, वे छूट जाएंगे। कई 'एएसओ' तो ऐसे हैं, जो कुछ महीने बाद रिटायर हो रहे हैं। एएसओ की रिक्तियों को उपलब्धता के बाद भी नहीं भरा जाना, उनके साथ अन्याय होगा।
सीएसएस में खाली पड़े हैं 2100 पद ...
सीएसएस फोरम का कहना है, लंबे समय से काम कर रहे एएसओ को एसओ के स्थायी पद पर पदोन्नति मिलना उनका हक है। केंद्र सरकार में एसओ के स्वीकृत पदों की संख्या लगभग 3640 है। इनमें से 2100 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में मौजूदा अनुभाग अधिकारी कितने दबाव में काम कर रहे हैं, उनकी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। फोरम द्वारा पदोन्नति के लिए लगातार उठाई जा रही आवाज का ही नतीजा है कि अब डीओपीटी ने एएसओ को परमोशन देने की बात कही है। हालांकि डीओपीटी द्वारा जो सूची तैयार की जा रही है, उसमें केवल 1000 लोगों को ही पदोन्नति मिलेगी। पहले 2013 बैच के सहायक अनुभाग अधिकारी, एसओ के पद की योग्यता पूरी करते थे, अब 2014 बैच वाले एएसओ भी एसओ की पदोन्नति लेने की सभी योग्यताएं पूरी कर रहे हैं। सीएसएस फोरम का कहना था कि केंद्र में जिस तरह रोजगार मेले आयोजित कर जॉब लैटर वितरित किए जा रहे हैं, वैसे ही सीएसएस की रिक्तियां भरने के लिए भी 'पदोन्नति मेला' आयोजित हो। अगर किसी कारणवश स्थायी पदोन्नति संभव नहीं है तो एडहॉक पदोन्नति दी जाए।
विपक्षी दलों ने सीएसएस पदोन्नति का मुद्दा उठाया था ...
सीएसएस फोरम (केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों की एसोसिएशन) द्वारा कई वर्षों से पदोन्नति का मुद्दा उठाया जा रहा था। इस विषय पर संसद में भी सवाल पूछे गए। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा कई केंद्रीय मंत्री और सांसद भी इस संबंध में कार्मिक मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से आग्रह कर चुके हैं। राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला और सुशील कुमार गुप्ता ने भी 'एएसओ' को पदोन्नति न दिए जाने का मुद्दा उठाया था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि पदोन्नति की राह देखते-देखते अनेक अधिकारी तो रिटायर हो गए हैं। इससे पहले भी सीएसएस फोरम को पदोन्नति के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा था। करीब 15 सौ सीएसएस अधिकारियों ने नॉर्थ ब्लॉक में हल्लाबोल किया था। वे पदोन्नति की मांग को लेकर नॉर्थ ब्लॉक की गैलरी में बैठ गए थे। बाद में उन्हें आश्वस्त किया गया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होगा।
गत वर्ष तक केंद्रीय मंत्रालयों में खाली पड़े थे इतने पद ...
रक्षा मंत्रालय में सेक्शन अफसर (अनुभाग अधिकारी) के कुल 232 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 141 पद खाली पड़े थे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सेक्शन अफसर के 41 पद हैं, जिनमें से 27 पद रिक्त बताए गए। एमओएसटी में 51 पदों में से 40 पद खाली पड़े थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय में सेक्शन अफसर के कुल 296 पद थे, जिनमें से से 112 पद खाली पड़े थे। केमिकल मिनिस्ट्री में सेक्शन अफसर के कुल पद 12 हैं, इनमें से 10 पद खाली बताए गए। फार्मा में सेक्शन अफसर के कुल 16 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 13 पद रिक्त थे। शिपिंग मंत्रालय में सेक्शन अफसर के लिए स्वीकृत 37 पदों में से 26 पद खाली पड़े थें जल संसाधन मंत्रालय में अनुभाग अधिकारी के 69 पद हैं। इनमें से 20 पद रिक्त थे। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में अनुभाग अधिकारी के 39 पद थे, जिनमें से 24 पद खाली थे। इसी तरह श्रम मंत्रालय में अनुभाग अधिकारी के कुल 79 पद स्वीकृत हैं, गत वर्ष 35 पद खाली पड़े थे।
इन विभागों में भी हैं अनुभाग अधिकारी के खाली पद ...
पिछले साल तक की जानकारी के अनुसार, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में अनुभाग अधिकारी के 184 पदों में से 46 पद रिक्त थे। कोल मिनिस्ट्री में अनुभाग अधिकारी के 24 पदों में से 15 पद रिक्त बताए गए। दूर संचार मंत्रालय में अनुभाग अधिकारी के लिए स्वीकृत 39 पदों में से 27 पद खाली पड़े थे। लीगल अफेयर में सेक्शन अफसर के 31 पदों में से 13 पद रिक्त थे। डाक विभाग में 49 पदों में से 9 पद खाली पड़े थे। नीति आयोग में अनुभाग अधिकारी के 28 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 10 पद खाली पड़े थे। डीएफएस में अनुभाग अधिकारी के कुल 29 पदों में से 13 पद रिक्त बताए गए। शिक्षा मंत्रालय में अनुभाग अधिकारी के लिए 127 पद स्वीकृत थे, लेकिन 41 पद खाली पड़े थे। डीजीएचएस, एमओएचएफडब्लू में अनुभाग अधिकारी के 28 स्वीकृत पदों में से 20 पद रिक्त बताए गए थे। ट्राइबल अफेयर में भी अनुभाग अधिकारी के लिए 19 पद मंजूर किए गए थे, गत वर्ष तक आठ पद खाली थे।