यूपी में सूखे के हालात पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव संग लंबी मंत्रणा की। पीएम मोदी ने खुद से मुख्यमंत्रियों को सूखे के हालातों की समीक्षा के लिए बुलाया था। इस कवायद में उनकी सबसे पहली मुलाकात यूपी के मुख्यमंत्री से हुई। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुख्यमंत्रीयों से भी अलग-अलग मुलाकात की।
पीएम ने अखिलेश के साथ उच्च स्तरीय बैठक में यूपी में सूखे और पानी की कमी की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद केंद्र और यूपी दोनों ने सूखे से निपटने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। यूपी ने 2015-16 के रबी सीजन के लिए सहायता हेतु नया ज्ञापन सौंपा है। प्रधानमंत्री ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इसकी अविलंब प्रक्रिया पूरी करके सहायता राशि तुरंत मुहैया कराई जाए।
चर्चा की शुरूआत करते हुए पीएम ने कह दिया कि सूखे के कारण लोगों के समक्ष आ रही समस्याओं का निवारण करने के लिए केन्द्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सूखे से बचाव के लिए मध्य और दीर्घकालिक समाधानों पर ध्यान केन्द्रित करने का भी आह्वान किया। जल संरक्षण और जलाशयों को दोबारा भरने की योजना बनाने के लिए उन्होंने रिमोट सेंसिंग और उपग्रह से चित्र लेने जैसी प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने पर बल दिया। वैज्ञानिक परामर्श के आधार पर फसल की पद्धतियों में बदलाव की आवश्यकता और जल प्रबंधन को बेहत्तर बनाने पर जोर देते हुए समुदाय की भागीदारी विशेषकर महिला भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सूखे पर केंद्र और यूपी ने मिलाए हाथ
मोदी-अखिलेश
तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूखे के वजह से लोगों के समक्ष आ रही समस्याओं के निवारण के लिए किए गए अपने प्रयासों से पीएम मोदी को अवगत कराया। इनमें पेयजल का प्रावधान, बुंदेलखंड में जरूरतमंदों के लिए भोजन, रोजगार, मवेशियों के लिए जल और चारा तथा दीर्घ और मध्य कालिक समाधानों के लिए प्रयास शामिल हैं।
अखिलेश ने पीएम को बताया कि राज्य ने सच्चे मायनों में पीएम फसल बीमा योजना लागू करने के लिए भी आरंभिक कदम उठाए हैं। उन्होंने टैंकों, तालाबों और खेत तालाबों सहित 78,000 जलाशयों को फिर चालू करने और बहाल करने, एक लाख नए जलाशयों तथा रिचार्ज स्ट्रक्चर्स के लिए कार्ययोजना साझा की। यह कार्य मनरेगा और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी योजनाओं में उपलब्ध धन का उपयोग करते हुए संपन्न किया जाएगा।
वहीं केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि एनडीआरएफ के अंतर्गत राज्य की देय राशि के समायोजन के बाद उसको 934.32 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा
चुकी है। यह राशि वर्ष 2015-16 के लिए एनडीआरएफ में केन्द्र के अंश के रूप में जारी 506.25 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त है। इसके अलावा वर्ष
2016-17 के लिए एनडीआरएफ की 265.87 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।
नीति आयोग ने भी बुंदेलखंड पैकेज के लिए धनराशि जारी करने हेतु पहले से उठाए जा चुके कदमों की जानकारी दी। पीएम के साथ यूपी के मुख्यमंत्री की हुई बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के अलावा केंद्र और राज्यों के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।