तमिलनाडु में भी प्रदर्शनकारियों ने कुछ जगहों पर ट्रेनें रोकी और तेलंगाना में कुछ सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित हुआ। गोवा में निजी बसों तथा पर्यटक टैक्सियों के गायब रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
इसके अलावा बीईएसटी के अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण मुंबई में भी लाखों यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीईएसटी के 32 हजार से अधिक कर्मचारी अधिक वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे।
कर्नाटक में रोकी गईं बसें, रद्द रही ट्रेनें
वाम पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरू में सेंट्रल बस स्टैंड पर बस सेवाओं को अवरुद्ध किया। इससे यहां यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों द्वारा वाहनों को नुकसान पहुंचाने के कारण कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें संबंधित डिपो पर खड़ी रहीं।
पूर्वी रेलवे क्षेत्र में बुधवार को ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। सियालदह-बोनगांव खंड में अशोकनगर में पटरियों पर संदिग्ध बम मिलने से इस मार्ग पर ट्रेनें रद्द कर दी गयीं। ओडिसा में भुवनेश्वर, बालासोर और बेरहमपुर समेत विभिन्न स्थानों पर वाम कार्यकर्ताओं द्वारा रेल रोको मुहिम चलाने से रेल सेवाओं पर असर पड़ा।
सरकारी बैंकों के कर्मचारियों के एक धड़े द्वारा हड़ताल का समर्थन किये जाने से बैंकिंग सेवाओं पर भी आंशिक असर देखने को मिला। हालांकि भारतीय स्टेट बैंक और निजी बैंकों में खास असर नही पड़ा। कारण कि बैंक कर्मचारियों के सात अन्य संगठन हड़ताल में भाग नहीं ले रहे हैं।
एआईबीईए के महासचिव सी.एच.वेंकटचलम के अनुसार, नकद लेन-देन, चेक निस्तारण, निकासियों, विदेशी मुद्रा विनिमय आदि पर असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल के कारण मंगलवार को 20 हजार करोड़ रुपये के चेक का निस्तारण नहीं हो सका।
मजदूर नेता ने कहा- सफल रहा बंद
हिंद मजदूर सभा के महासचिव हरभजन सिंह ने कहा कि असम, ओडिशा, मणिपुर, मेघालय, महाराष्ट्र और गोवा में शत प्रतिशत हड़ताल रहा। उन्होंने कहा कि हमें पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी समर्थन मिला।
मंडी हाउस से संसद भवन के जुलूस में करीब चार हजार श्रमिक सड़क पर अपना गुस्सा जाहिर करने उतरे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के 22 जिलों और कर्नाटक के 20 जिलों में पूरी तरह से हड़ताल रहा।