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Centre: केंद्र का राष्ट्रीय मुकदमेबाजी नीति लागू करने से इनकार, मामले कम करने के लिए जारी किए सख्त निर्देश

Sun, 28 Sep 2025 04:02 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने वर्षों से तैयार राष्ट्रीय मुकदमेबाजी नीति को लागू करने से इनकार कर दिया है। इसके बजाय, सभी मंत्रालयों और विभागों को कोर्ट मामलों को कम करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। सरकार लगभग सात लाख लंबित मामलों को घटाने के लिए गैरजरूरी अपील रोकने और आदेशों में सुधार करने पर जोर दे रही है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने वर्षों से तैयार की जा रही है राष्ट्रीय मुकदमेबाजी नीति को लागू करने से साफ-साफ इनकार कर दिया है। इस नीति के अलावा केंद्र ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कोर्ट के मामले को कम करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बता दें कि इस निर्णय के पीछे कारण है कि सरकार अपने ऊपर दर्ज मामलों की संख्या कम करना चाहती है, क्योंकि वर्तमान में केंद्र सरकार लगभग सात लाख मामलों में पक्षकार है। इन मामलों में सबसे ज्यादा, करीब 1.9 लाख मामले वित्त मंत्रालय से जुड़े हैं।

मुकदमा कम करने के लिए केंद्र का कदम

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मामले में कानून मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार ने मुकदमों की संख्या कम करने के लिए जो नया तरीका अपनाया है, उसमें गैरजरूरी अपीलों को रोका जाएगा और उन आदेशों व नोटिफिकेशन में सुधार किया जाएगा, जिनकी वजह से कोर्ट केस होते हैं।

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इसके साथ ही मामले में सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय मुकदमेबाजी नीति के नाम से कोई नीति नहीं बनाएगी, क्योंकि यह नीति केवल सरकार और उसके विभागों पर लागू होगी, जबकि आम जनता पर इसका कोई असर नहीं होगा। इसलिए इसे नीति कहना उचित नहीं होगा।

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नीति के बजाय केंद्र का इस बात पर जोर
कानून मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय मुकदमेबाजी नीति के बजाय सरकार ने निर्देश जारी किए हैं, क्योंकि इनमें प्रभावी कानूनी कार्रवाई का तात्पर्य होता है। ये निर्देश हर साल समीक्षा के लिए तैयार किए जाएंगे ताकि मुकदमों की संख्या घटाने में प्रगति देखी जा सके।

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पहले भी नहीं मिली थी इस नीति को मंजूरी
गौरतलब है कि पहले भी वर्ष 2010 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय मुकदमेबाजी नीति तैयार की थी, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली और वह अधूरा रह गया। सरकार ने कहा है कि बेहतर निर्णय लागू करना और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाना ही मुकदमेबाजी कम करने का सही रास्ता है। साथ ही, निर्देशों का मकसद यह है कि फैसलों का सही और प्रभावी कार्यान्वयन हो ताकि आम जनता को नुकसान न पहुंचे।

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