केंद्र ने राज्य सरकारों से उन पर्यटन स्थलों को चिह्नित करने को कहा हैं जहां सेल्फी लेने के दौरान अक्सर हादसे हो जाते हैं। लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने मंगलवार को कहा कि पर्यटकों के लिए सुरक्षा के उपाय मुख्य रूप से राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है।
इन उपायों में किसी भी अवांछित घटना से बचने के लिए लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर ‘नो सेल्फी जोन’ घोषित करना शामिल है। समय-समय पर सेल्फी लेने के दौरान हादसों की खबरें आती रहती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘पर्यटन मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे पर्यटन स्थल पर सेल्फी लेने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।’ केंद्र की तरफ से जारी एडवाइजरी में दुर्घटना संभावित पर्यटन स्थलों की पहचान, साइन बोर्ड लगाना, सेल्फी लेने के दौरान खतरे की चेतावनी आदि शामिल हैं।