अमेरिका, इंडोनेशिया और चीन भी हुए साइबर हमलों के शिकार
इस रिपोर्ट में यह भी बताया कि ये साइबर हमले अब वित्तीय लाभ तक सीमित नहीं हैं। अब इनका इस्तेमाल एक निश्चित राजनीतिक, धार्मिक या आर्थिक लक्ष्य के लिए समर्थन या विरोध जाहिर करने के साधन के रूप में किया जाता है। भारत के अलावा अमेरिका, इंडोनेशिया और चीन पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक साइबर हमले शिकार हुए है। इन चार देशों में हुई साइबर अटैक की घटना में से 40 प्रतिशत सरकारी संस्थान पर हुई है। 2022 में वैश्विक स्तर पर भी सरकारी संस्थानों पर साइबर हमलों की संख्या बढ़ी है। इस साल करीब 651 घटनाएं दर्ज की गई है। इनमें सितंबर में साल की सबसे ज्यादा 89 घटनाएं साइबर हमले की हुई है।
पिछले पांच साल में बढ़ी घटनाएं
भारत में पिछले पांच साल के दौरान साइबर अटैक की घटनाएं 53 हज़ार से बढ़कर 14 लाख से ज़्यादा हो गई हैं। साल 2022 में पूरी दुनिया में जितने साइबर अटैक हुए उनमें से लगभग 60 प्रतिशत हमले भारत के सिस्टम पर हुए। साइबर सिक्योरिटी फर्म इंडस्फेस की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सबसे ज्यादा साइबर हमले हुए हैं। 2022 के आखिरी तीन महीनों में दुनिया भर में लगभग 85 करोड़ साइबर हमलों का पता लगाया गया। इनमें से लगभग 60 प्रतिशत मामलों में निशाना भारत था। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने भी इस सिलसिले में 2021 तक के आंकड़े इकट्ठा किए हैं। इसमें सामने आया कि, भारत में साइबर हमले लगातार बढ़ते हुए दिखाई दे रहे है।
गौरतलब है कि, देश में भारतीय रेलवे, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सिक्योरिटी डिपॉजिटरी, सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (सीडीएसएल) जैसे सरकारी संस्थानों को हाल ही में डेटा सेंध, रैंसमवेयर हमलों और सेवाओं में बाधा पहुंचाने जैसी साइबर घटनाओं का सामना करना पड़ा थाा। इस हफ्ते की शुरुआत में, लगभग तीन करोड़ रेलवे उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत विवरण बिक्री के लिए डार्क वेब पर देखे गए थे।