देश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार जहां टीकाकरण को बढ़ावा देने की कोशिशों में जुटी है, वहीं कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल कोविड-19 वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र पर हमलावर हो रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि टीका उत्सव मनाने का एलान करने वाली सरकार के केंद्रों पर वैक्सीन खत्म हो गई है और ताले पड़ गए हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जब देश में टीके की इतनी किल्लत है, तो अपने लोगों की जान जोखिम में डालकर विदेश में टीका किस बात के लिए भेजा जा रहा है। देश में अब सिर्फ छह दिन तक टीका लगाने की वैक्सीन बची है। देश में लोगों को दवाएं नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं, ऑक्सीजन की किल्लत है। ऐसे में टीका उत्सव मनाने का क्या औचित्य। यह वक्त उत्सव मनाने का नहीं है।
केंद्र की मोदी सरकार कोविड-19 टीकाकरण में अपनी नाकामी को बयानबाजी और अतिशयोक्ति के जरिये ढंक रही है। टीका उत्पादन बढ़ाने के लिए फंड उपलब्ध कराने और आपूर्ति बढ़ाने के साथ इसका आयात भी शुरू करना चाहिए। जब सरकार टीकाकरण अभियान को उत्सव कह रही है तो कोई क्या कह सकता है? किसी भी लिहाज से यह उत्सव नहीं हो सकता है। टीकाकरण अभियान एक तरह से धर्मयुद्ध है। -पी. चिदंबरम, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
जब देश में लोगों को टीका नहीं लग रहा है, तो उत्सव किस बात का मनाया जाना चाहिए। पूरी दुनिया में बहुत सारी कंपनियां टीका बनाकर पहले अपने देश के लोगों को लगा रही हैं। अगर विदेशी वैक्सीन हमारे देश में कारगर है, तो सरकार को आयात करना चाहिए। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मरीजों को न वक्त पर ऑक्सीजन मिल पा रही है और न रेमडेसिविर जैसी दवाएं। -पवन बंसल, पूर्व रेल मंत्री
महाराष्ट्र में 11 से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव किस तरह मनाया जाएगा, जब यहां कई केंद्रों पर पहले ही कोविड-19 की वैक्सीन खत्म हो चुकी है। भाजपा सरकार की इस अक्षमता के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करेगी। सरकार घंटी और थाली बजवाने के बजाय टीका उपलब्ध कराने पर जोर देती, तो बेहतर होता। -नाना पटोले, प्रदेश अध्यक्ष (महाराष्ट्र)
रविवार से शुरू हुए टीका उत्सव के बीच ओडिशा में 900 केंद्र इसलिए बंद हो गए, क्योंकि वहां वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। प्रदेश में बनाए गए 1,400 टीकाकरण केंद्रों में से महज 579 पर ही वैक्सीन उपलब्ध है। हमने केंद्र से वैक्सीन की 25 लाख डोज मांगी थी, जिसमें सिर्फ 2.5 लाख मिली है। -सुशांत सिंह, श्रम मंत्री, ओडिशा