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टीका उत्सव: पीएम मोदी बोले- कोरोना के खिलाफ दूसरी जंग की शुरुआत, पहले दिन 27 लाख से ज्यादा लोगों को दी गई खुराक

Mon, 12 Apr 2021 01:53 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, नई दिल्ली

सार

  • टीका उत्सव की शुरुआत ज्योतिबा फुले की जयंती से शुरू होकर बी आर आंबेडकर की जयंती तक चलेगी
  • देशव्यापी टीका उत्सव अभियान के पहले दिन कई कार्यस्थल टीकाकरण केंद्रों का संचालन हुआ
  • वारयस को रोकने के लिए पीएम मोदी ने आम लोगों से किए चार खास आग्रह 
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कोरोना वैक्सीनेशन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देश में 'टीका उत्सव' के पहले दिन रविवार शाम तक 27 लाख से ज्यादा कोविड-19 रोधी टीके की खुराक दी गई। इसके साथ ही देश में अब तक टीके की 10,43,65,035 खुराक दी जा चुकी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

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देश में 11-14 अप्रैल के बीच चल रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान को ‘टीका उत्सव’ नाम दिया गया है। कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में मुख्यमंत्रियों के साथ वार्ता में चार दिवसीय 'टीका उत्सव' का प्रस्ताव दिया था जिसकी शुरुआत ज्योतिबा फुले की जयंती से शुरू होकर बीआर आंबेडकर की जयंती तक चलनी है।

मंत्रालय ने बताया कि देशव्यापी टीका उत्सव अभियान के पहले दिन कई कार्यस्थल टीकाकरण केंद्रों का संचालन हुआ। रविवार होने की वजह से इस तरह के ज्यादातर केंद्रों का संचालन निजी कार्यस्थलों पर हुआ।
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मंत्रालय ने बताया, औसत तौर पर किसी भी दिन देश में 45,000 टीकाकरण केंद्रों का संचालन हो रहा है। लेकिन आज 63,800 केंद्रों का संचालन हुआ और इस तरह से औसत तौर पर 18,800 केंद्रों की वृद्धि हुई।

वहीं आम तौर पर रविवार को टीके की खुराक देने की संख्या कम (करीब 16 लाख) होती है। लेकिन टीका उत्सव के पहले दिन शाम आठ बजे तक आज 27 लाख से ज्यादा खुराक दी गई।

कोरोना के खिलाफ दूसरी बड़ी जंग की शुरुआत है टीका उत्सव: पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा, टीका उत्सव कोरोना के खिलाफ दूसरी बड़ी जंग की शुरुआत है। टीका उत्सव 11 अप्रैल ज्योतिबा फुले जयंती से लेकर 14 अप्रैल बाबा साहेब आंबेडकर जयंती तक चलेगा। इसमें व्यक्तिगत के साथ-साथ सामाजिक साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखना है। पीएम मोदी ने देशवासियों से ये चार आग्रह किए-

  • जो कम पढ़े-लिखे, बुजुर्ग हैं, जो खुद जाकर टीका नहीं लगवा सकते, उनकी मदद करें।
  • जिन लोगों के पास उतने साधन नहीं हैं, जिन्हें जानकारी भी कम है, उनकी कोरोना के इलाज में मदद करें।
  • खुद भी मास्क पहलें और सुरक्षित करें और दूसरों को भी सुरक्षित करें, इस पर बल देना है।
  • किसी को भी कोरोना होने की स्थिति में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने का नेतृत्व समाज के लोग करें। जहां भी एक केस आया है, वहां परिवार और समाज के लोग माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाएं।


एक भी केस आने पर सभी को जागरूक रहना
पीएम ने कहा कि भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई का एक महत्वपूर्ण तरीका माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी है। एक भी सक्रिय केस आने पर हम सभी का जागरूक रहना, बाकी लोगों की भी जांच कराना बेहद जरूरी है। जिन्हें टीका लगना चाहिए, उन्हें टीका लगे इसका पूरा प्रयास समाज को भी करना है और प्रशासन को भी।

नियमों के पालन से तय होगी कामयाबी
पीएम ने कहा कि हमें देश की टीकाकरण क्षमता के भरपूर इस्तेमाल की तरफ बढ़ना है। ये भी हमारी क्षमता बढ़ाने का ही एक तरीका है। हमारी सफलता इस बात से तय होगी कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन के प्रति कितनी जागरूकता हम लोगों में है। हमारी सफलता इस बात से तय होगी कि जिन्हें टीका लगना चाहिए, उन्हें टीका लगे। हम मास्क पहनने और अन्य नियमों के पालन से ही हमारी कामयाबी तय होगी।

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बिना वैक्सीन टीका उत्सव मना रही सरकार : विपक्ष

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार जहां टीकाकरण को बढ़ावा देने की कोशिशों में जुटी है, वहीं कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल कोविड-19 वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र पर हमलावर हो रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि टीका उत्सव मनाने का एलान करने वाली सरकार के केंद्रों पर वैक्सीन खत्म हो गई है और ताले पड़ गए हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जब देश में टीके की इतनी किल्लत है, तो अपने लोगों की जान जोखिम में डालकर विदेश में टीका किस बात के लिए भेजा जा रहा है। देश में अब सिर्फ छह दिन तक टीका लगाने की वैक्सीन बची है। देश में लोगों को दवाएं नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं, ऑक्सीजन की किल्लत है। ऐसे में टीका उत्सव मनाने का क्या औचित्य। यह वक्त उत्सव मनाने का नहीं है। 

केंद्र की मोदी सरकार कोविड-19 टीकाकरण में अपनी नाकामी को बयानबाजी और अतिशयोक्ति के जरिये ढंक रही है। टीका उत्पादन बढ़ाने के लिए फंड उपलब्ध कराने और आपूर्ति बढ़ाने के साथ इसका आयात भी शुरू करना चाहिए। जब सरकार टीकाकरण अभियान को उत्सव कह रही है तो कोई क्या कह सकता है? किसी भी लिहाज से यह उत्सव नहीं हो सकता है। टीकाकरण अभियान एक तरह से धर्मयुद्ध है। -पी. चिदंबरम, वरिष्ठ कांग्रेस नेता

जब देश में लोगों को टीका नहीं लग रहा है, तो उत्सव किस बात का मनाया जाना चाहिए। पूरी दुनिया में बहुत सारी कंपनियां टीका बनाकर पहले अपने देश के लोगों को लगा रही हैं। अगर विदेशी वैक्सीन हमारे देश में कारगर है, तो सरकार को आयात करना चाहिए। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मरीजों को न वक्त पर ऑक्सीजन मिल पा रही है और न रेमडेसिविर जैसी दवाएं। -पवन बंसल, पूर्व रेल मंत्री

महाराष्ट्र में 11 से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव किस तरह मनाया जाएगा, जब यहां कई केंद्रों पर पहले ही कोविड-19 की वैक्सीन खत्म हो चुकी है। भाजपा सरकार की इस अक्षमता के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करेगी। सरकार घंटी और थाली बजवाने के बजाय टीका उपलब्ध कराने पर जोर देती, तो बेहतर होता। -नाना पटोले, प्रदेश अध्यक्ष (महाराष्ट्र)

रविवार से शुरू हुए टीका उत्सव के बीच ओडिशा में 900 केंद्र इसलिए बंद हो गए, क्योंकि वहां वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। प्रदेश में बनाए गए 1,400 टीकाकरण केंद्रों में से महज 579 पर ही वैक्सीन उपलब्ध है। हमने केंद्र से वैक्सीन की 25 लाख डोज मांगी थी, जिसमें सिर्फ 2.5 लाख मिली है। -सुशांत सिंह, श्रम मंत्री, ओडिशा  
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