केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज के खतरों से वाकिफ है और इसकी चुनौतियों से निपटने के लिए कानून भी बनाए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि फेसबुक, गूगल और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की गैरकानूनी सामग्री कोर्ट के आदेश या सरकार के नोटिफिकेशन या फिर नीतियों के उल्लंघन के लिए वेबसाइटों के अपने अधिकारियों द्वारा ही पाबंदी लगाई जा सकेगी।
मंत्रालय ने यह हलफनामा आरएसएस के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य की ओर से दाखिल एक याचिका के जवाब दिया है। याचिका में केंद्र, गूगल, फेसबुक और ट्विटर को भड़काऊ भाषण और फेक न्यूज से संबंधित सामग्रियों को हटाने को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।