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BJP: युवाओं-महिलाओं के लिए खुलेगा खजाना, किसानों को मिल सकता है इतना पैसा

सार

गैस कीमतों में 200 रूपये प्रति सिलेंडर की कमी कर केंद्र सरकार ने हर गरीब, मध्यमवर्गीय परिवार को महंगाई से कुछ राहत पहुंचाई है।
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पीएम मोदी की लोकप्रियता बढ़ाने का मास्टरप्लान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गैस कीमतों में 200 रूपये प्रति सिलेंडर की कमी कर केंद्र सरकार ने हर गरीब, मध्यमवर्गीय परिवार को महंगाई से कुछ राहत पहुंचाई है। 2024 के लोकसभा चुनावों से पूर्व इसी तरह कुछ अन्य क्षेत्रों में राहत देकर सरकार मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर सकती है। इसमें उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल की खरीद में राहत मिल सकती है तो कुछ नई योजनाओं की शुरुआत कर सरकार के विशेष समर्थक वर्ग के बीच पकड़ मजबूत करने की कोशिश की जा सकती है।  

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महिलाओं के बीच लोकप्रियता बढ़ाने की कोशिश
महिलाएं मोदी सरकार की बड़ी समर्थक बनकर उभरी हैं। एक सर्वे के अनुसार, 2019 के लोकसभा चुनाव में 46 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं ने भाजपा को वोट दिया था, जबकि पुरुषों के बीच यह समर्थन केवल 44 प्रतिशत ही था। माना गया था कि जिस तरह मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना और पीएम आवास योजना के अंतर्गत महिलाओं के नाम घरों का रजिस्ट्रेशन कराने की पहल की थी, उससे वह महिलाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हुई और उसे इसका चुनावी लाभ मिला।  

केंद्र सरकार का दावा है कि उसने चार करोड़ घर महिलाओं के नाम रजिस्टर कराकर एक कीर्तिमान रचा है। 9.6 करोड़ उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए गए हैं। अब इसमें 75 लाख नए गैस कनेक्शन जोड़े जाने की तैयारी है। 11 करोड़ शौचालयों को बनाकर मोदी सरकार ने महिलाओं के दिल में अपने लिए विशेष जगह बना ली जिसका सीधा असर महिलाओं के मतदान करने पर पड़ा। केंद्र सरकार अब अपने इसी सबसे विश्वसनीय वोटर वर्ग को मजबूत करने के लिए नया दांव चल सकती है।
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युवाओं के बीच समर्थन बढ़ाने पर विचार
देश के युवा मोदी सरकार के बड़े समर्थक सिद्ध हुए हैं। एक्सिस माई इंडिया के एक सर्वे के अनुसार 2019 के लोकसभा चुनावों में 18 से 35 वर्ष की आयु के बीच के 44 से 46 प्रतिशत मतदाताओं ने भाजपा को वोट दिया था। यूथ इन इंडिया 2022 की रिपोर्ट के अनुसार देश में युवाओं की संख्या कुल आबादी की लगभग 27 प्रतिशत है। इस प्रकार युवाओं की संख्या न्यूनतम 35 करोड़ होती है।

चर्चा है कि बेरोजगारी भत्ता या युवा केंद्रित योजनाओं को लाकर केंद्र सरकार इस वोटर वर्ग पर अपनी पकड़ और ज्यादा मजबूत करने का काम कर सकती है। चूंकि, कांग्रेस हिमाचल-कर्नाटक में बेरोजगारी भत्ता देने का दांव सफलतापूर्वक चल चुकी है, वह राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बेरोजगारी भत्ता देने का वादा कर रही है। माना जा सकता है कि वह लोकसभा चुनाव में भी यह दांव मजबूती से चलने की कोशिश कर सकती है। ऐसे में कांग्रेस के इस दांव को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार बेरोजगारी भत्ते की शुरुआत कर युवाओं को लुभाने की कोशिश कर सकती है।     

किसानों की सम्मान निधि में बढ़ोतरी की संभावना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को यूपी के गोरखपुर से 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना की शुरुआत की थी। इस योजना में देश के लगभग 10 करोड़ किसानों को हर साल छः हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यदि यह माना जाए कि हर किसान परिवार में औसतन चार मतदाता हैं तो भी इस योजना से 40 करोड़ मतदाताओं को लक्ष्य बनाकर आर्थिक लाभ पहुंचाया जा सकता है। माना जाता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में इस योजना के कारण मोदी सरकार को किसानों के एक बड़े वर्ग का  समर्थन मिला था और इसके कारण वह लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल हुई थी। 

चर्चा है कि इस योजना की लोकप्रियता और व्यापक असर को देखते हुए केंद्र सरकार लोकसभा चुनावों के पहले किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता छः हजार रुपये से बढ़ाकर आठ से दस हजार रुपये प्रति वर्ष कर सकती है। यदि ऐसा हुआ तो कांग्रेस के मुफ्त की घोषणाओं के सामने केंद्र सरकार का यह एक बड़ा 'गेम चेंजर प्लान' साबित हो सकता है।

शुरुआत में इस योजना से 14.5 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने का दावा किया गया था। बाद में ई-केवायसी के कारण लाभार्थियों की संख्या 11.5 करोड़ ही रह गई थी। बाद में योजना की कुछ किस्तों में केवल दस करोड़ के करीब ही लाभार्थी रह गए थे। हालांकि सरकार लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए तकनीकी उपाय करने पर विचार कर रही है।

रेवड़ी नहीं, आत्मसम्मान-आत्मनिर्भरता को बढ़ावा- भाजपा
राजस्थान भाजपा की प्रवक्ता पूजा कपिल मिश्रा ने अमर उजाला से कहा कि उनकी योजनाएं फ्री की रेवड़ी नहीं होतीं। ये समाज के किसी वर्ग को आत्मसम्मान प्रदान करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश होती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महिलाओं को 11 करोड़ शौचालय बनाकर दिए गए,उससे महिलाओं के आत्मसम्मान की रक्षा हुई। लेकिन साथ ही 50 करोड़ जनधन खाते खुलवाकर महिलाओं को 30 करोड़ मुद्रा लोन दिए गए, उससे महिलाएं आत्मनिर्भर हुई हैं। उन्होंने इसे समाज परिवर्तन का बड़ा साधन बताया।  

पूजा कपिल मिश्रा ने कहा कि महिलाएं घर का किचन संभालती हैं। केंद्र सरकार ने महंगाई से राहत देकर महिलाओं को राहत प्रदान करने का काम किया है। किसानों को राहत देकर सरकार हमारे अन्नदाताओं को मजबूती देना चाहती है। यह कोशिश लगातार जारी रहेगी।

कांग्रेस ने दी असली राहत
कांग्रेस प्रवक्ता रितु चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा सरकार किसी भी वादे पर खरी नहीं उतरी है। किसानों की आय दोगुना करने का वादा नहीं निभाया गया है। युवाओं को हर साल दो करोड़ नौकरियों की जगह दो लाख नौकरियां भी नहीं मिल रही हैं। पहले गैस कीमतें 1100 रुपये से ज्यादा कर उसमें 200 की कमी कर उसे छूट बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह देश की जनता के साथ छलावा है। जबकि कांग्रेस गरीबों, महिलाओं और युवाओं के लिए जमीन पर काम कर रही है और यह कर्नाटक, हिमाचल और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारों में दिखाई पड़ रहा है। 

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