पाकिस्तानी आतंकी के फरार होने के बाद केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर सरकार से राज्य की जेलों में और कैदियों के ले आते-जाते वक्त सुरक्षा की समीक्षा करने का आदेश दिया है। साथ ही गृह मंत्रालय ने सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों, जिसके लिए जेलों में सीआरपीएफ तैनात की जाए। जेल के बाहर ही नहीं भीतर भी इन जवानों की तैनात के लिए कहा गया है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। राज्य सरकार को ऐसी घटनाएं रोकने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यह कदम एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद उठाया गया है, जो पाकिस्तानी
आतंकी नावेद जाट के फरार होने के बाद हुई थी। वह श्रीनगर सेंट्रल जेल में बंद था और अस्पताल से फरार हो गया था। कुछ आतंकी दो पुलिसकर्मियों को गोली मारकर उसे छुड़ा ले गए थे। श्रीनगर जेल के अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है और डिविजनल कमिश्नर की ओर से उच्चस्तरीय जांच का आदेश दे दिया गया है। उधर, राज्य सरकार ने डीजी जेल एसके मिश्रा का तबादला कर, उनकी जगह दिलबाग सिंह को नियुक्त किया है।
दूसरी जेलों में भेजे जाएंगे आतंकी
गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से कहा है कि वह सुरक्षा खामियों को दूर करे और जांच करें कि क्यों उच्च सुरक्षा वाले कैदी को अस्पताल की ओपीडी में भेजा गया। श्रीनगर सेंट्रल
जेल में बंद अन्य कैदियों की सुरक्षा की समीक्षा करने को कहा गया है। साथ की कुछ आतंकियों को जम्मू, उदयपुर, लेह और दूसरी जगहों पर स्थित जेलों में भेजा जा सकता है। अभी 16 पाकिस्तानी कैदी श्रीनगर जेल में हैं, जिसमें से सात को जम्मू भेजा जाएगा। बाकी को अन्य जेलों में भेजने पर विचार किया जा रहा है।