इस महीने की शुरुआत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि हमें वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये की जरूरत है। उद्योग निकाय फिक्की ने भी हाल ही में सुझाव दिया था कि सरकार को देश में कोविड-19 वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए वैक्सीन प्रोड्यूसर को प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए। फिक्की ने उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) प्रकार की योजना के तहत वैक्सीन बनाने वालों के वित्त पोषण की सिफारिश की थी।
18 से अधिक उम्र वालों को मिलेगी वैक्सीन
बता दें कि सरकार ने वैक्सीन के लिए ये फंड ऐसे समय में दिया है, जब एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाए जाने की घोषणा की गई है। अब तक पहले चरण के तहत फ्रंट लाइन वर्कर्स और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन देने की इजाजत दी गई थी। उसके बाद तीसरे चरण में 45 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है।