केंद्र सरकार अब आपके द्वारा देखे जाने वाले टेलीविजन चैनल पर नजर रखेगी। सरकार ने टीवी पर आने वाले खबरिया चैनलों के रेटिंग प्वाइंट यानी टीआरपी पर दूरसंचार नियामक ट्राई से राय मांगी है। इसमें सेट टॉप बॉक्स में एक नई चिप लगाने के बारे में पूछा गया है, जिसके बाद यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि कौन किस चैनल को कितनी देर तक देख रहा है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा ट्राई चेयरमैन आरएस शर्मा को भेजे गए पत्र में सेट टॉप बॉक्स में नई चिप लगाने के प्रस्ताव के बारे में पूछा गया है। पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि इसके जरिए चैनल को देखने की अवधि के डेटा के बारे में जानकारी मिलेगी। मौजूदा समय कौन किस चैनल को देख रहा है, इसका डेटा ब्रॉडकास्ट ऑडिएंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) रखता था। वह इसके लिए ग्राहकों से मंजूरी लेकर बीएआर-ओ मीटर स्थापित करता है। अभी तक बीएआरएसी ने 22,000 घरों में बीएआर-ओ मीटर लगाए हैं जिसके जरिए वह टीआरपी के बारे में आंकड़े एकत्र करता है। जबकि नई चिप लगने के बाद इस मीटर की जरूरत नहीं पड़ेगी जो बीएआरसी द्वारा ग्राहकों की मंजूरी के बाद घरों में स्थापित किए जाते थे।
केंद्रीय मंत्रालय के पत्र के मुताबिक नई चिप के जरिए आसानी से ग्राहक कौन सा चैनल कितनी देर देख रहा है। इसकी जानकारी हासिल की जा सकेगी। ब्रॉडकॉस्टिंग क्षेत्र के लोग हालांकि इस मामले में किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए राजी नहीं है। हालांकि हकीकत यही है कि सेट टॉप बॉक्स में नई चिप लगने के बाद टीआरपी को मापने का तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा।
ट्राई को लिखे गए पत्र में मंत्रालय ने डीटीएच लाइसेंस के बारे में भी राय मांगी है जिसमें कई तकनीकी पहलुओं पर दूरसंचार नियामक अपने सुझाव सरकार को जल्द भेजेगा। दरअसल डीटीएच लाइसेंस में नियमों में बदलाव पर तीन पहलुओं पर ट्राई से सुझाव मांगे गए हैं। अंतर-मंत्रालयी समिति ने 27 फरवरी को हुई बैठक में कुछ नियमों में बदलाव के लिए एक मसौदे पर परामर्श किया था। इसी में नई चिप लगाने का भी प्रस्ताव शामिल है जिस पर ट्राई अपने सुझाव तैयार कर मंत्रालय को भेजेगा। गौरतलब है कि नई चिप लगने के बाद सभी ग्राहकों का डेटा सरकार हासिल करेगी, लेकिन इसके लिए ग्राहक से कोई मंजूरी नहीं ली जाएगी। जबकि अब तक ऐसा नहीं होता था।