फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्रवाई: जाकिर नाइक का ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ पांच साल के लिए प्रतिबंधित, केंद्र ने बताया- देश के लिए खतरा 

Tue, 16 Nov 2021 12:02 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को पहली बार 17 नवंबर 2016 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत एक गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया था।
 
विज्ञापन
Zakir Naik - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मलेशिया में रह रहे इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर भारत सरकार ने पांच साल के लिए और प्रतिबंध बढ़ा दिया है। इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) पर यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियों के चलते की गई है। फाउंडेशन को पहली बार 17 नवंबर 2016 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत एक गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया था।

विज्ञापन


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि आईआरएफ उन गतिविधियों में शामिल है, जो देश की सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं। इसके साथ ही यह संगठन शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकता है। 

गृह मंत्रालय ने कहा कि नाइक द्वारा दिए गए बयान और उनके भाषण आपत्तिजनक हैं। वह अपने भाषणों के जरिए धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी और नफरत को बढ़ावा दे रहा है। नाइक भारत और विदेशों में एक खास धर्म के युवाओं को आतंकवादी कृत्य करने के लिए प्रेरित कर रहा है।
विज्ञापन


गृह मंत्रालय ने कहा कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उसने यूएपीए के तहत आईआरएफ पर लगाए गए प्रतिबंध को और पांच साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें