नए मसौदा कानून के अनुसार, जो सेलेब्रिटीज भ्रामक विज्ञापनों का समर्थन करते हैं उन्हें पांच साल तक की कैद और 50 लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इस कानून पर मंगलवार को मंत्री समूह विचार करेगा। पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार ने उपभोक्ता सुरक्षा विधेयक, 2015 लोकसभा में पेश किया था जो 30 साल पुराने उपभोक्ता सुरक्षा कानून को निरस्त करने के लिए था। संसद की स्थाई समिति ने अप्रैल में इस पर अपने सुझाव दे दिए थे।
समिति की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कुछ महत्वपूर्ण सुझावों को स्वीकार किया था। इनमें सेलेब्रिटीज की जिम्मेदारियां तय करना, मिलावट के मामले में सख्त सजा और अन्य शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को मसौदा कानून पर अन्य मंत्रालयों के सुझाव भी प्राप्त हुए हैं। लगभग सभी मंत्रालय प्रस्तावित प्रावधान पर सहमत हैं कि भ्रामक विज्ञापनों के समर्थन करने वाले सेलेब्रिटीज के साथ-साथ मिलावट में शामिल लोगों पर भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा हो।