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CBIC: सीबीआईसी ने जुर्माने को दोगुना तक बढ़ाया, गिरफ्तारी और जमानत नियम में भी किया संशोधन

Thu, 18 Aug 2022 06:36 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

सीबीआईसी ने कहा कि अधिनियम गिरफ्तारी की शक्तियों के प्रयोग के लिए कोई मूल्य सीमा तय नहीं करता है। लेकिन स्पष्ट किया जाता है कि किसी अपराध के संबंध में गिरफ्तारी सिर्फ असाधारण स्थितियों में ही प्रभावी होनी चाहिए। इसमें आवास नियमों के हस्तांतरण, अवैध आयात से जुड़े मामले शामिल हैं।
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सीबीआईसी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने सीमा शुल्क अधिनियम के तहत अपराधों के लिए अभियोजन, गिरफ्तारी और जमानत नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत जुर्माने में दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। नए नियम के तहत सामान और सीधे तस्करी के मामले में अब 50 लाख रुपये जुर्माना लगेगा, जो पहले 20 लाख था। वाणिज्यिक धोखाधड़ी में जुर्माना 2 करोड़ रुपये होगा, जो पहले एक करोड़ रुपये था।

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सीबीआईसी ने कहा, अधिनियम गिरफ्तारी की शक्तियों के प्रयोग के लिए कोई मूल्य सीमा तय नहीं करता है। लेकिन स्पष्ट किया जाता है कि किसी अपराध के संबंध में गिरफ्तारी सिर्फ असाधारण स्थितियों में ही प्रभावी होनी चाहिए। इसमें आवास नियमों के हस्तांतरण, अवैध आयात से जुड़े मामले शामिल हैं, जहां सामान का बाजार मूल्य 50 लाख या उससे ज्यादा है। वे प्रतिबंधित सामान जिसमें विदेशी मुद्रा शामिल है और जिनका मूल्य 50 लाख से ज्यादा हो।

इन मामलों में भी गिरफ्तारी
व्यापारिक सामान के आयात से संबंधित मामले जिसमें सामान के विवरण में जानबूझ कर गलत घोषणा की गई हो। माल को छिपाने या प्रतिबंधित सामानों का आयात शामिल हो। ऐसे मामले में अगर बाजार मूल्य 2 करोड़ रुपये या उससे अधिक है तो सीमा शुल्क अधिनियम के तहत गिरफ्तारी हो सकती है।
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घटेगी मुकदमेबाजी
केपीएमजी के भागीदार अभिषेक जैन ने कहा कि संशोधित नियमों के अनुसार, जिन मामलों में वित्तीय गंभीरता अधिक है, उन मामलों में गिरफ्तारी शुरू होगी। ईवाई के भागीदार सौरभ अग्रवाल ने कहा कि  इससे मुकदमेबाजी घटाने, आयातकों और सीमा शुल्क विभाग दोनों में बेहतर स्पष्टता लाने में मदद मिलेगी।

सीएमडी-सीईओ को समन भेजने से बचें अधिकारी : सीबीआईसी
जीएसटी जांच प्राधिकरण ने फील्ड अधिकारियों को कंपनियों के चेयरमेन व प्रबंध निदेशक (सीएमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को गिरफ्तार करने एवं उन्हें समन भेजने से बचने की सलाह दी है। प्राधिकरण ने कहा, अधिकारी बिना सोचे-समझे गिरफ्तारी के अपने अधिकार का इस्तेमाल न करें। वरिष्ठ प्रबंधन स्तर के अधिकारियों को तलब करने से बचें। इन अधिकारियों से संबंध सीएमडी और सीईओ से है।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के तहत जांच प्राधिकरण ने जीएसटी कानून के तहत कंपनियों के अधिकारियों को तलब करने, उनकी गिरफ्तारी और जमानत के प्रावधान को लेकर फील्ड अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए हैं।

गिरफ्तारी से प्रभावित होती है व्यक्तिगत स्वतंत्रता
प्राधिकरण ने कहा, गिरफ्तारी किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्रभावित करती है, इसलिए इसका उपयोग विश्वसनीय सबूतों पर आधारित होना चाहिए। उसने आगे कहा कि किसी भी कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन स्तर के अधिकारियों की गिरफ्तारी जांच-पड़ताल और सोच-विचार किए बिना नहीं होनी चाहिए। इन दिशा-निर्देशों में जीएसटी कानून का उल्लंघन करने वाले किसी व्यक्ति को किन परिस्थितियों में गिरफ्तार किया जा सकता है, इसकी जानकारी दी गई है।

बड़े पैमाने पर उत्पीड़न रोकने में मिलेगी मदद
प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को ध्यान में रखते हुए गिरफ्तारी को लेकर यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शीर्ष कोर्ट ने एक मामले में कहा था कि सिर्फ इसलिए गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है क्योंकि यह वैध है। गिरफ्तारी के अधिकार और इसके इस्तेमाल के औचित्य के बीच अंतर तय किया जाना चाहिए। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के रजत मोहन ने कहा, इन निर्देशों से बड़े पैमाने पर उत्पीड़न रोकने में मदद मिलेगी।

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