रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने मंगलवार को कहा कि ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एमब्रेयर भारत और तीन अन्य देशों के साथ विमान सौदे में भ्रष्टाचार के मामले में अमेरिकी प्रशासन के साथ समझौते के बावजूद भारतीय कानून के शिकंजे में भाग नहीं सकती।
मंत्री ने कहा कि काली सूची में डालने की नई नीति को अगले महीने तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उधर, यूपीए सरकार के शासनकाल में हुए एमब्रेयर विमान सौदे में रिश्वत की बात सामने आने पर विमान कंपनी खुद इसके निपटारे के लिए सामने आई है। अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से मंगलवार को बताया गया कि विमान कंपनी ने 205 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है।
समझौते के तहत एमब्रेयर कंपनी सौदे में हेराफेरी के लिए पेनाल्टी के तौर पर न्याय विभाग को 107 मिलियन डॉलर और समझौते की लीक हुई जानकारी के लिए 98 मिलियन डॉलर के भुगतान को तैयार है।
परिकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 208 मिलियन डॉलर के एमब्रेयर विमान सौदा में हुए भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की जांच सीबीआई कर रही है और यह जारी रहेगी।