सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव के निर्देशन में जांच एजेंसी ने अपने निदेशक आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना द्वारा एक दूसरे पर लगाए आरोपों की जांच का निर्णय लिया है। इसके लिए नई जांच टीम गठित कर दी गई है।
पदभार संभालते ही नागेश्वर राव ने दर्जन भर सीबीआई अधिकारियों को इधर से उधर भेजने का आदेश जारी किया है। कुछ को तत्काल प्रभाव से दिल्ली में तैनाती दी है तो कुछ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से जनहित में मुख्यालय से स्थानांतरित कर दिया। स्थानांतरण पाने वालों में मनीष सिन्हा और अजय बस्सी प्रमुख हैं।
राकेश अस्थाना के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहे अजय बस्सी और मनीष सिन्हा के स्थान पर नये अधिकारी नियुक्त हुए हैं। अब इस मामले की जांच सतीस डागर करेंगे। एसपी सतीश डागर ने ही डेरा सच्चा सौदा मामले की जांच की थी और उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर डेरा सच्चा सौदा के गुरु गुरमीत सिंह राम रहीम सलाखों के पीछे पहुंचे।
सतीश डागर की टीम में पर्यवेक्षक अधिकारी तौर पर डीआईजी तरुण गाबा शामिल हुए हैं। गाबा को चंडीगढ़ से दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय बुलाया गया है। उन्होंने ने व्यापमं घोटाले की जांच की। इस जांच के क्रम में संयुक्त निदेशक वी मुरुगेशन को भी शामिल किया गया है। वी. मुरुगेशन ने यूपीए सरकार के समय घोटाले के आरोपों की जांच की थी।
अभी आलोक वर्मा के खिलाफ राकेश अस्थाना द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने वाली टीम के सदस्यों का पता नहीं चल सका है। फिलहाल वर्मा ने जिन अफसरों को राकेश अस्थाना के मामले की जांच के लिए लगाया था, उन सभी का स्थानांतरण किया जा चुका है। अजय बस्सी को जनहित में पोर्टब्लेअर भेजा गया है।