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बंगाल: सीबीआई ने टीएमसी विधायक परेश पाल को किया तलब, भाजपा कार्यकर्ता की मौत के मामले में कार्रवाई

Mon, 16 May 2022 05:53 PM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

भाजपा कार्यकर्ता परेश पाल की हत्या के मामले में सीबीआई ने टीएमसी विधायक परेश पाल को कोलकाता में सीबीआई कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया है। पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा नतीजे घोषित होने के दिन भाजपा कार्यकर्ता की हत्या हुई थी। 
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सीबीआई - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के नतीजे घोषित होने के दिन हुई भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक परेश पाल को तलब किया है। उन्हें 18 मई को सीबीआई कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

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अधिकारी ने कहा कि पाल को अभिजीत सरकार की हत्या के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुधवार को कोलकाता में हमारे अधिकारियों के सामने पेश होने का नोटिस दिया गया है। उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए परेश पाल के पास कई बार कॉल किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के कुछ ही समय बाद, पिछले साल 2 मई को कंकुरगाछी इलाके में भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या कर दी गई थी। अभिजीत के परिजनों ने इसके लिए टीएमसी नेता परेश पाल को जिम्मेदार ठहराया था।
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कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद सीबीआई ने पिछले साल अगस्त में इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। अदालत ने सीबीआई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हत्या और बलात्कार की घटनाओं की जांच के लिए निर्देश दिए थे।

सीबीआई ने हांगकांग से मांगी मदद
इस बीच सीबीआई ने हांगकांग को एक न्यायिक अनुरोध भेजकर कालाधन छिपाने के लिए हीरा आयात का बढ़ा हुआ बिल मंगवाने वाले एक आपराधिक गिरोह की जांच में सहायता मांगी है। इस गिरोह ने 156 करोड़ रुपये मूल्य के आयात बिल तैयार करवाए थे। सीबीआई ने हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के न्याय सचिव को भेजे गए अनुरोध पत्र में इस मामले की जांच में मदद मांगी है। सीबीआई ने जांच के दौरान चिह्नित किए गए लेनदेन और खातों के बारे में विवरण मुहैया कराने में मदद मांगी है।

क्या है मामला?

  • सीबीआई ने हांगकांग को अनुरोध भेजने के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी मांगी थी। आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 166 ए के तहत यह मंजूरी मिलने के बाद आवेदन को मुंबई की एक विशेष अदालत में जमा किया गया। इस अदालत ने ही सीबीआई को न्यायिक अनुरोध करने का आदेश दिया था। न्यायिक अनुरोध पत्र के जरिये एक देश की अदालत से दूसरे देश में मामले की जांच में सहायता की मांग की जाती है।
  • एजेंसी ने जनवरी, 2020 में मुंबई के तीन वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारियों सहित 17 लोगों एवं कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उनपर 156 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के बिल वाले हीरे का आयात कर कालेधन को छिपाने वाले रैकेट का हिस्सा होने का आरोप है।

सीबीआई ने प्रतिनियुक्ति पर आए अपने अफसर के खिलाफ की कार्रवाई 
सीबीआई ने फरीदाबाद में पुलिस और सुरक्षाकर्मी से उलझने वाले अपने एक इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें वापस उनके मूल विभाग जीएसटी व कस्टम, गुवाहाटी वापस भेज दिया है। सीबीआई में हाल ही प्रतिनियुक्ति पर आने वाले विशाल सोलंकी पर उनके अनुचित व्यवहार के लिए कार्रवाई की गई। एक अधिकारी के मुताबिक जैसे ही सोलंकी के अनुचित व्यवहार को सीबीआई के शीर्ष अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया, एजेंसी ने अनुचित व्यवहार पर अपनी ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाते हुए उसे वापस उनके मूल विभाग में भेजने का निर्णय लिया। जानकारी के मुताबिक सोलंकी फरीदाबाद के अपने घर पर रविवार को कथित तौर पर पार्टी कर रहे थे। सुरक्षा गार्ड ने उनसे शोर बंद करने कहा जिस पर वह उससे और स्थानीय पुलिस से भी उलझ गए। 
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