कर्नाटक में अब सीबीआई स्पीड पोस्ट के जरिये समन और कानूनी नोटिस भेजेगी। इसके लिए एजेंसी की बंगलूरू इकाई ने डाक विभाग के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका फायदा यह होगा कि एक तो समय पर और सुरक्षित संचार सुनिश्चित हो सकेगा। वहीं, स्पीड पोस्ट को ट्रैक भी किया जा सकेगा।
संघीय एजेंसी ने बयान में कहा कि इस पहल का उद्देश्य विभागीय कर्मचारियों द्वारा मैनुअल डिलीवरी को बंद करना है, जिससे यात्रा और दैनिक भत्ते में काफी बचत होगी। इसके अलावा, मुख्य जांच कर्तव्यों के लिए जनशक्ति का अधिक कुशल उपयोग हो सकेगा।
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लिफाफे और पीओडी कार्ड पर होगा सीबीआई का लोगो और पता
सीबीआई की बैंकिंग सुरक्षा और धोखाधड़ी शाखा व बंगलूरू में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने बुधवार को डाक विभाग के कर्नाटक सर्कल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एजेंसी के बयान में कहा गया है कि MoU के अनुसार, इंडिया पोस्ट सीबीआई की तरफ से नोटिस और समन भेजेगा। इसके लिए कस्टमाइज्ड लिफाफे और डिलीवरी के प्रमाण (पीओडी) कार्ड बनाए जाएंगे। इन पर सीबीआई का लोगो और पता होगा। इन्हें इंडिया पोस्ट द्वारा सीबीआई शाखाओं से एकत्र किया जाएगा, जो उन्हें निर्दिष्ट प्राप्तकर्ताओं को वितरित करेगा और हस्ताक्षरित पीओडी कार्ड सीबीआई को वापस कर देगा। इंडिया पोस्ट वेबसाइट के माध्यम से पूरी ट्रैकिंग उपलब्ध होगी।
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पांच दिन होगी डिलीवरी की समय सीमा
इस व्यवस्था से आरटी नगर हेड पोस्ट ऑफिस, बंगलूरू के माध्यम से केंद्रीकृत बुकिंग की सुविधा मिलेगी, जिसमें सभी कार्य दिवसों पर पिकअप सेवाएं और रिटर्न मेल के लिए राष्ट्रव्यापी समर्थन शामिल होगा। एजेंसी के बयान में कहा गया है, 'डिलीवरी की समय-सीमा एक से पांच दिन तक होगी, जिसमें पुनः डिलीवरी और बिना डिलीवर किए गए आइटम की मुफ्त वापसी का प्रावधान होगा। यह पारदर्शिता, जवाबदेही और डिलीवरी दक्षता को बढ़ाता है, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में और सार्वजनिक सेवा वितरण में तालमेल और अंतर-एजेंसी सहयोग के एक मॉडल के रूप में कार्य करता है।'