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सीबीआई ने मांगी अमेरिका से मदद: न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट का मामला, दो आरोपियों की है तलाश

Thu, 11 Nov 2021 04:48 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोशल मीडिया पर न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने के एक मामले में दो आरोपियों की तलाश के लिए सीबीआई ने अमेरिका के अधिकारियों से मदद मांगी है। इस मामले में अभी कर कुल 11 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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सीबीआई - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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न्यायाधीशों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के एक मामले में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने दो आरोपियों का पता लगाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों से मदद मांगी है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इन आरोपियों के नाम सी प्रभाकर रेड्डी उर्फ पंच प्रभाकर और मणि अन्नपुरेड्डी है। सीबीआई का मानना है कि दोनों आरोपी इस वक्त अमेरिका में ही मौजूद हैं। 

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अधिकारियों ने बताया कि इंटरपोल तंत्र के तहत भारत के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (एनसीबी), सीबीआई ने इंटरपोल वाशिंगटन से संपर्क किया है जो कि अमेरिका का एनसीबी है। सीबीआई के पास इन दोनों के खिलाफ भारत में अदालतों की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट भी है। उन्होंने इंटरपोल के ब्लू कॉर्नर नोटिस का उपयोग करके आरोपी के स्थान के बारे में जानकारी एकत्र की है।

सीबीआई ने इस मामले मेंछह और आरोपपत्र दाखिल किए हैं। ये आरोपपत्र श्रीधर रेड्डी अवुथु, जलगम वेंकट सत्यनारायण, गुडा श्रीधर रेड्डी, श्रीनाथ सुस्वरम, किशोक कुमार दरिसा उर्फ किशोर रेड्डी दरिसा और सुद्दुलुरी अजय अमृत के खिलाफ दायर किए गए हैं। एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि इन आरोपियों को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया था।
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एजेंसी ने मामले में पांच और आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया था, जिनके खिलाफ अलग-अलग आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। कुल मिलाकर अब तक इस मामले में 11 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 11 आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। प्रवक्ता ने आगे बताया कि एक और आरोपी के खिलाफ फिलहाल जांच की जा रही है और उसके यूट्यूब चैनल को भी ब्लॉक कर दिया गया है।

इस संबंध में सीबीआई ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर 11 नवंबर 2020 को 16 आरोपियों के खिलाफ त्वरित मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने इस संबंध में दर्ज 12 एफआईआर की जांच आंध्र प्रदेश सीआईडी से लेकर अपने हाथ में ले ली थी। मामला दर्ज करने के बाद एजेंसी ने ये सभी आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंटरनेट पर पब्लिक डोमेन से हटवा दी थीं।

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