सीबीआई ने 2020-23 के बीच 59 अनुबंधों में सरकार को 16.24 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के लिए सैन्य अभियंता सेवाएं (एमईएस), जबलपुर के दो गैरीसन अभियंताओं और दो सहायक गैरीसन अभियंताओं के अलावा कई अन्य अधिकारियों और निजी संस्थाओं के खिलाफ पांच मामले दर्ज किए हैं। सीबीआई के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
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अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई ने गैरीसन अभियंता धीरज कुमार और पूर्व गैरीसन अभियंता बीएम वर्मा के अलावा सहायक गैरीसन अभियंता केएन विश्वकर्मा और पूर्व सहायक गैरीसन अभियंता राजीव भारती के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनके अलावा कुछ निजी कंपनियों और अधिकारियों का नाम भी पांच एफआईआर में है। सीबीआई ने शुक्रवार को जबलपुर, जोधपुर, प्रयागराज और शिलांग में 12 स्थानों पर आरोपियों और फर्मों के परिसरों की तलाशी ली, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, यह आरोप लगाया गया है कि गैरीसन अभियंता (पूर्व), सैन्य अभियंता सेवाएं, जबलपुर ने वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 के दौरान विभिन्न रक्षा कार्यालयों या आवासीय परिसरों में विभिन्न सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल और अन्य कार्यों के लिए लगभग 59 अनुबंध निजी फर्मों को दिए थे। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर ठेकेदारों द्वारा उद्धृत असामान्य रूप से कम दरें स्वीकार कीं जो व्यावहारिक नहीं थीं।
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एजेंसी ने कहा, आगे आरोप लगाया गया कि इन निजी फर्मों ने लोक सेवकों की मिलीभगत से मौके पर कोई काम किए बिना ही 16.24 करोड़ रुपये (लगभग) का भुगतान प्राप्त किया। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उक्त लोक सेवकों ने माप पुस्तिकाओं में गलत प्रविष्टियां कीं और पर्यवेक्षी अधिकारियों ने आवश्यक जांच किए बिना इन ठेकेदारों के बिल पास कर दिए।