सीबीआई ने शुक्रवार को नौ स्थानों पर छापेमारी की। इसमें मिजारोम का आइजोल, मणिपुर का इंफाल और हरियाणा का गुरुग्राम शामिल है। यह छापेमारी सरकारी फंड के दुरुपयोग को लेकर की गई।
इसके अलावा सीबीआई ने मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री और मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष ओकरम इबोबी सिंह और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष के रूप में काम करने के दौरान इबोबी सिंह ने लगभग 332 करोड़ रुपये का गबन किया।
अधिकारियों ने बताया कि, मणिपुर विकास सोसाइटी (एमडीएस) के तत्कालीन अध्यक्ष ओ इबोबी सिंह ने जून 2009 से जुलाई 2017 के बीच अपने कार्यकाल के दौरान कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर इस षड्यंत्र को अंजाम दिया और कुल 518 करोड़ रुपये के सरकारी फंड में से लगभग 332 करोड़ रुपये का गबन किया। सीबीआई ने केंद्र के माध्यम से मणिपुर सरकार के अनुरोध पर मामला दर्ज किया है। सिंह के साथ, सीबीआई ने तीन पूर्व एमडीएस अध्यक्षों के नाम पर भी मामला दर्ज किया है। इनमें डी एस पूनिया, पी सी लामुकंगा, ओ नबाकिशोर सिंह के नाम शामिल हैं। ये तीनों सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं।
इसके अलावा वाई निंगथेम सिंह, मणिपुर विकास सोसाइटी के पूर्व परियोजना निदेशक और इसके प्रशासनिक अधिकारी एस रंजीत सिंह का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया है।
पूर्व सीएम के पास से 26 लाख रुपये के प्रतिबंधित नोट बरामद
वहीं छापेमारी के दौरान सीबीआई ने मणिपुर के पूर्व सीएम इबोबी सिंह के पास से 26 लाख रुपये के प्रतिबंधित नोट बरामद किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि, सिंह के आवास पर तलाशी के दौरान 11.47 लाख रुपये नकद और 26.49 लाख रुपये के प्रतिबंधित नोट बरामद किए गए है, जो एक अपराध है और बरामद मुद्रा का पांच गुना जुर्माना हो सकता है।
इसके अलावा कुछ ब्रांडेड आइटम और ऑडी, मित्सुबिशी, होंडा और हुंडई की आठ लग्जरी कारें भी सिंह के आवास पर तलाशी के दौरान मिलीं। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने मणिपुर विकास सोसाइटी के पूर्व परियोजना निदेशक वाई निंगथेम सिंह के पास से भी 10 लाख रुपये की प्रतिबंधित मुद्रा और इंफाल में दो महलनुमा मकानों के दस्तावेज बरामद किए हैं।
सीबीआई को पूनिया, लामकुंगा और नबाकिशोर के निवास से भी संपत्ति और बैंक के दस्तावेज मिले हैं।