केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2014-16 के दौरान फर्जी आयात के भुगतान के तौर पर हांगकांग भेजे गए 155 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध प्रेषण से संबंधित तीन मामलों के संबंध में भोपाल, मुंबई समेत 18 स्थानों पर छापों में 94.37 लाख रुपये नकद, अहम दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।
जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि सीबीआई आठ राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक व्यापार के बिल ऑफ एंट्री और बिल ऑफ लैडिंग के जरिये विदेश में विदेशी मुद्रा भेजने से संबंधित तीन मामलों की जांच कर रही है।
सीबीआई ने हवाला कारोबारी मोहम्मद फारूक मोहम्मद हनीफ शेख, सहकारी समितियों के अज्ञात अधिकारियों और अन्य के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। एजेंसी व्यापार आधारित मनी लॉन्ड्रिंग (टीबीएमएल) के पहलुओं को बैंकवार देख रही है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र मुंबई, कैनरा बैंक (ई-सिंडिकेट बैंक) मुंबई और बैंक ऑफ इंडिया, मुंबई से संबंधित टीबीएमएल के मामलों में अभियुक्तों की ओर से कमीशन और चूक के कृत्यों से तथ्य सामने आए। 105.27 करोड़, 41.17 करोड़ और 8.69 करोड़ रुपये कथित तौर पर मुंबई स्थित निजी कंपनियों के खातों से भेजे गए थे। इससे भारत सरकार को विदेशी मुद्रा का नुकसान हुआ। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, कंपनियों के नाम पर चालू खाते खोले गए, जिनमें हमनाम के लोग मालिक या निदेशक थे। भारी मात्रा में नकदी कथित रूप से विभिन्न स्रोतों से एकत्र की गई और उक्त कंपनियों के बैंक खातों में जमा की गई।