केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम रविवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली पहुंची। टीम ने वहां की एक स्थानीय महिला का बयान दर्ज किया। यह बयान उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व नेता शेख शाहजहां के खिलाफ पहले दर्ज कराई गई शिकायत के संबंध में दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि सीबीआई की टीम ने झुमा मंडल के बयान दर्ज किया है और इसकी जांच की जाएगी। सीबीआई अधिकारी ने कहा, हमने उनका बयान दर्ज कर लिया है, जिसे वह निजी रखना चाहती थीं। उनका बयान जांच के दायरे में आएगा।
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झुमा मंडल ने कहा, मैंने अपनी शिकायत (सीबीआई में) पहले ही दर्ज कराई थी। मैंने जो कुछ भी उन्हें बताया वह निजी है। हम सभी चाहते हैं कि शाहजहां को फांसी की सजा मिले। संदेशखली की महिलाएं तबसे सुरक्षित हैं, जबसे शाहजहां को हिरासत में लिया गया है। हमें पूरा यकीन है कि जब वह बाहर आएंगे, तो फिर से हमारा उत्पीड़न शुरू करेंगे।
अधिकारी ने बताया कि महिला उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली के नाजात में भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की रैली में शामिल होने गई थीं। बाद में, महिला का बयान धमाखली के एक गेस्ट हाउस में दर्ज किया गया।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर जनवरी 2024 में हमला किया गया था और उनके वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए थे, जब वे संदेसखली में शाहजहां के आवास पर एक छापेमारी करने गए थे। यह छापेमारी एक बड़ी राशन वितरण घोटाले से जुड़ी थी। इसके बाद संदेशखली की कई महिलाओं ने शाहजहां और उनके लोगों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जो मछली पालन और व्यापार से जुड़े हैं।
सीबीआई की टीम के उनके घर पहुंचने पर झुमा मंडल वहां मौजूद नहीं थीं। सीबीआई ने पांच जनवरी की घटनाओं से जुड़े तीन मामलों की जंच अपने हाथ में ली है। शाहजहां को राज्य पुलिस ने 29 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया था और 6 मार्च को सीबीआई ने उन्हें अपनी हिरासत में लिया।