फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Actions: कस्टम अधिकारियों के आवासों पर CBI की छापेमारी; इस मामले में ED ने कुर्क की 118 करोड़ की संपत्ति

Thu, 06 Apr 2023 10:25 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

सीबीआई ने करोड़ों रुपये के पशु तस्करी मामले की जांच के सिलसिले में शहर और जिलों में विभिन्न स्थानों पर सीमा शुल्क विभाग के तीन अधिकारियों के आवासों पर छापे मारे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन
CBI - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करोड़ों रुपये के पशु तस्करी मामले की जांच के सिलसिले में शहर और जिलों में विभिन्न स्थानों पर सीमा शुल्क विभाग के तीन अधिकारियों के आवासों पर छापे मारे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 

विज्ञापन


अधिकारी ने बताया कि कोलकाता, मुर्शिदाबाद, बैरकपुर, नादिया, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में सीमा शुल्क अधिकारियों के आवासों पर सीबीआई के तलाशी अभियान के दौरान कई दस्तावेज बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में छापेमारी की गई। केंद्रीय जांच एजेंसी ने मवेशी तस्करी मामले में सोमवार को सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों को समन जारी किया था।

यह भी पढ़ें: West Bengal: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की एक कंपनी में लगी आग, चार दमकलों ने एक घंटे में पाया काबू

विज्ञापन
विज्ञापन

अवैध फोरेक्स ट्रेडिंग: टीपी ग्लोबल, प्रवर्तकों की 118 करोड़ की संपत्ति कुर्क
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कहा कि उसने एक कंपनी और उसके प्रवर्तकों द्वारा अवैध विदेशी मुद्रा कारोबार के संबंध में धन शोधन की जांच के तहत 118 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की म्यूचुअल फंड, शेयर, बॉन्ड, फ्लैट और मकान जैसी विभिन्न प्रकार की चल और अचल संपत्तियां कुर्क की हैं।

एजेंसी ने एक बयान में कहा कि प्रसेनजीत दास, शैलेश पांडे, तुषार पटेल और टीपी ग्लोबल एफएक्स नामक कंपनी से संबंधित धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इन संपत्तियों को कुर्क करने का अस्थायी आदेश दिया गया है। धनशोधन का यह मामला कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से उपजा है।

कुर्क की गई संपत्तियों में शेयर, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, एआईएफ/पीएमएस (वैकल्पिक निवेश कोष और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाएं), बैंक खातों में नकदी, एक लक्जरी वाहन (एमजी हेक्टर), फ्लैट, वाणिज्यिक व्यावसायिक स्थान, होटल और रिसॉर्ट शामिल हैं।

ईडी ने जांच में पाया कि दास, पांडे, पटेल और कुछ अन्य ने टीपी ग्लोबल एफएक्स की वेबसाइट के जरिये विदेशी मुद्रा व्यापार में निवेश के नाम पर लोगों को भारी चपत लगाई। इन लोगों ने इसके लिए अपने नियंत्रण वाली विभिन्न मुखौटा कंपनियों/फर्मों/संस्थाओं का भी इस्तेमाल किया। 

ये लोग जनता से पैसा इकट्ठा करने के बाद उस रकम को अपनी ही मुखौटा कंपनियों में निवेश किया हुआ दिखाते थे। इन कंपनियों के नाम के साथ साथ निदेशक भी फर्जी लोग होते थे। निवेशकों को इस बात की कोई जानकारी नहीं दी जाती थी कि उनकी गाढ़ी कमाई कहां निवेश की जा रही है। आरोपी इस रकम से चल अचल संपत्ति खरीदते थे। ईडी ने दास और पटेल को इस मामले में गिरफ्तार किया है और दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें