नोएडा प्लॉट आवंटन मामले में दोषी करार दी गई उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव की जमानत याचिका का सीबीआई ने विरोध किया है। सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यह साधारण जमानत का मामला नहीं है।
नीरा यादव को दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया है। लिहाजा उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए।
वहीं नीरा यादव के वकील विकास सिंह ने कहा कि वे बुजुर्ग है और लंबे समय से जेल में हैं, लिहाजा उन्हें जमानत दी जाए। वहीं अदालत ने मामले की सुनवाई जुलाई तक के लिए टाल दी है।