सीबीआई इफको और इंडियन पोटाश के शीर्ष अधिकारियों के एनआरआई बेटों को 2007 से 2014 के बीच मिले 685 करोड़ रुपये के अवैध कमीशन की जांच कर रही है। दरअसल इफको के एमडी यूएस अवस्थी और इंडियन पोटाश लिमिटेड के एमडी पीएस गहलोत के बेटों और अन्य को विदेशी आपूर्तिकर्ताओं ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले में अभियुक्त राजीव सक्सेना के जरिये इस दौरान कमीशन की रकम दी।
जांच एजेंसी ने एफआईआर में कहा है कि आरोपियों ने खाद और कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं से रिश्वत की राशि की लेनदेन के लिए जटिल ताना-बाना बुना। सीबीआई ने कहा कि अवस्थी ने कमीशन की रकम को छुपाने के लिए परामर्श समझौते का सहारा लिया और दिखावटी लेनदेन को काफी पेचीदा बना दिया।
जांच एजेंसी ने कहा कि 2007-14 के दौरान ज्यादा से ज्यादा सब्सिडी लेने के लालच में अवस्थी और गहलोत ने विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से आपराधिक साजिश कर महंगे दामों पर खाद और कच्चे माल का आयात किया था। सीबीआई ने कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद घोटाले में रिश्वत के लेनदेन के लिए भी इसी तरह का हथकंडा अपनाया गया था, जिसमें सक्सेना के खिलाफ जांच चल रही है। सीबीआई ने कहा कि सक्सेना और उसके सहयोगियों को अमेरिका से करीब 685 करोड़ रुपये मिले।