इस सप्ताह की शुरुआत में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की एक रैली के दौरान हिंसा के बाद कुमार को गृह मंत्रालय में स्थानांतरित करने के चुनाव आयोग के फैसले से भी टीएमसी और ममता खुश नहीं हैं। ममता दावा कर रही हैं कि चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा हस्तक्षेप करने के बाद वोडाफोन और एयरटेल ने सीबीआई के साथ सुदीप्ता सेन और देबजानी मुखर्जी से संबंधित पांच नंबरों की विस्तृत कॉल डिटेल की जानकारी साझा की थी। एजेंसी ने अदालत में कहा था कि पश्चिम बंगाल पुलिस और टेलीकॉम कंपनियां मामले में सहायता नहीं कर रही थीं और अदालत के आदेश के बावजूद सीमित कॉल डिटेल रिकॉर्ड साझा कर रही थीं।
सीबीआई अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राजीव कुमार की गिरफ्तारी से सुरक्षा सात दिनों में यानी 24 मई को समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने इस बात पर पहले ही विचार करना शुरू कर दिया है कि राजीव को कब गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि हिरासत में पूछताछ कई राज खोलेगी। अधिकारी के मुताबिक राजीव की गिरफ्तारी का समय अब नजदीक है।
अधिकारी ने कहा, 'यह जानने के लिए कि राजीव कुमार किसे बता रहे थे और घोटाले के आरोपी से उनके क्या संबंध हैं, उनसे हिरासत में पूछताछ करना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फरवरी में शिलांग में पूछताछ के दौरान वह सहायता नहीं कर रहे थे।'
एक अन्य सीबीआई अधिकारी ने बताया कि एजेंसी के पास मौजूद सबूत न केवल राजीव कुमार को गिरफ्तार करने के लिए काफी हैं बल्कि उन्हें दोषी ठहराने के लिए भी पर्याप्त हैं।