उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है। नोएडा प्लॉट आवंटन घोटाले में नीरा यादव को दोषी ठहराया गया है और फिलहाल वह जेल में है। न्यायमूर्ति वी गोपालगौड़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
साथ ही पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी इस याचिका के साथ मुख्य याचिका के साथ जोड़ दिया है। मुख्य याचिका पर दूसरी पीठ सुनवाई कर रही है। मालूम हो कि भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में नीरा यादव को तीन वर्ष की सजा सुनाई गई है।
हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की दूसरी पीठ चार अप्रैल को सुनवाई करेगी। इस मामले में गाजियाबाद की विशेष अदालत ने वर्ष 2012 में नीरा यादव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव कुमार को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई थी।
1994-95 में नीरा यादव नोएडा अथॉरिटी की सीईओ थी जबकि राजीव कुमार उनके मातहत काम करते थे। नीरा यादव यूपी की पहली महिला मुख्य सचिव बनी थी। हाल ही में विशेष अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ट ने सही ठहराया है। राजीव कुमार ने खुद को समर्पण करने के लिए चार हफ्ते का वक्त मांगा था, जिसकी कोर्ट ने इजाजत दे दी है।