जांच एजेंसी के प्रमुख की नियुक्ति में देरी पर सुप्रीम कोर्ट नाखुश
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से पूछा कि उसने अब तक सीबीआई के पूर्णकालिक निदेशक की नियुक्ति क्यों नहीं की है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने सरकार से कहा कि सीबीआई निदेशक का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है। अंतरिम निदेशक दो-चार दिनों के लिए तो ठीक है, लेकिन लंबे समय के लिए नहीं। पीठ ने सरकार को जल्द सीबीआई निदेशक की नियुक्ति करने को कहा।
अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति नए सीबीआई निदेशक के चयन के लिए शुक्रवार को बैठक करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आईपीएस अधिकारी एम नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक बनाने से पहले समिति की मंजूरी ली थी। सीबीआई निदेशक की नियुक्ति में पारदर्शिता का मुद्दा उठाने पर पीठ ने कहा हम पहले निदेश की नियुक्ति सुनिश्चित करेंगे। पारदर्शिता का मुद्दा बाद में उठाया जा सकता है।
बस्सी की याचिका पर सीबीआई के अंतरिम निदेशक से जवाब तलब
सुप्रीम कोर्ट ने डीएसपी एके बस्सी की याचिका पर सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव से जवाब मांगा है। दरअसल बस्सी ने खुद के अंडमान निकोबार तबादला किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने जांच एजेंसी और राव को नोटिस देकर छह हफ्ते में जवाब मांगा है। बस्सी के वकील राजीव धवन ने पीठ को बताया कि यह मामला सीबीआई की कार्यशैली पर सवाल उठाता है।
उन्होंने कहा कि बस्सी का पहली बार 23 अक्तूबर को पोर्टब्लेयर तबादला किया गया था। तत्कालीन सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने उस आदेश को रद्द करते हुए बस्सी को 9 जनवरी को वापस दिल्ली बुला लिया, लेकिन 11 जनवरी को फिर से उनका पोर्ट ब्लेयर तबादला कर दिया गया।