यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से आए ग्रामीण परिवेश के बच्चों से जब देश की रक्षामंत्री इतनी खुलकर मिली तो उनका जोश दोगुना हो गया। रक्षामंत्री ने हर एक बच्चे के साथ अलग से मुलाकात की। सभी से पूछा कि वे क्या बनना चाहते हैं। अधिकांश बच्चों ने कहा, वे आईएएस बनना पसंद करेंगे। कुमारी अमर ज्योति से जब रक्षामंत्री ने पूछा कि वह क्या बनेगी तो जवाब मिला, मैं अंतरिक्ष यात्री बनना चाहती हूं। इस पर निर्मला सीतारमण ने उस छात्रा के कंधों पर हाथ रखते हुए कहा, हमारी सरकार ने गगनयान योजना शुरु कर दी है। चिंता मत करो, दो-तीन साल बाद तुम्हारा नंबर भी आ सकता है।
उन्होंने बातों बातों में इन बच्चों का सामान्य ज्ञान भी जांचा। किसी से उनके साथ वाले जिले का नाम पूछा तो अन्य बच्चों से उनके लक्ष्य तक पहुंचने की राह समझी। एक बच्चे ने कहा कि वह फौज में भर्ती होना चाहता है तो रक्षामंत्री ने पूछा कौन सी फौज में। बच्चे ने भी बिना किसी देरी के जवाब दिया कि उसने थलसेना में भर्ती होने का लक्ष्य रखा है।