सीबीआई ने आई-मोनेटरी एडवायजरी (आईएमए) के 4,000 करोड़ रुपये के घोटाला मामले के संबंध में कर्नाटक काडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हेमंत निंबालकर और अजय हिलोरी सहित आठ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मंगलवार को अधिकारियों ने बताया कि घोटाले में दोनों अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच के लिए सीबीआई ने कर्नाटक सरकार से अनुमति मांगी थी। राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की है। दो अधिकारियों के साथ एजेंसी ने मामले में आईएमए के संस्थापक मंसूर खान और अन्य के नाम दर्ज किए हैं।
यह मामला इस्लामिक बैंकिंग के नाम पर कथित तौर पर निवेशकों से ठगी का है। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने आईएमए के संस्थापक मंसूर खान की मदद की थी। निंबालकर जहां 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं वहीं, हिलोरी 2008 बैच के हैं।