सीबीआई ने महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के चार पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों और अडानी पावर लिमिटेड, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, एसीसी, वेदांता समेत 25 कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनके खिलाफ यह कार्रवाई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एमसीएल से कोयले की आपूर्ति में 97 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि जिन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उनमें एमसीएल के वित्त विभाग के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक काबेरी मुखर्जी, वरिष्ठ प्रबंधक अनिल कुमार भौमिक, देबज्योति चक्रवर्ती और उप प्रबंधक श्रीपल्ली वीराघंटा हैं। इसके साथ ही 25 बड़ी कंपनियों को भी नामजद किया गया है। एमसीएल को यह नुकसान 2013 और 2017 के बीच पहुंचाया गया।
उन्होंने बताया कि सीबीआई ने जिन बड़ी कंपनियों को इस मामले में आरोपी बनाया है, उनमें एसीसी, अडानी पावर लिमिटेड, अडानी पावर महाराष्ट्र यूनिट-3, अडानी पावर महाराष्ट्र यूनिट-1, वेदांता, सीसा स्टेरलाइट लिमिटेड (अब वेदांता), जेके पेपर लिमिटेड, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, इफको और इमामी बायोटेक लिमिटेड प्रमुख हैं।
अधिकारियों का कहना है कि एमसीएल के अधिकारियों ने आरोपी कंपनियों के साथ मिलकर साजिशन फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट (एफएसए) के तहत रेल रेक के माध्यम से अपनी कंपनियों को कोयले की आपूर्ति कर नुकसान पहुंचाया। पीएसयू के इन आरोपी अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर एफएसए की शर्तों और नियमों व प्रावधानों को नजरअंदाज कर कंपनियों को कोयले की आपूर्ति करवाई।