जांच के बाद सीबीआई ने कुछ आरोपियों के खिलाफ नामित टाडा कोर्ट (मुंबई) में चार्जशीट फाइल की थी। जिन्हें बाद में मामले में दोषी पाया गया था। इनमें से एक आरोपी 1993 से फरार था जिसे 01 जून 2018 को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी को टाडा कोर्ट ने घोषित अपराधी करार दिया था और 17 सितंबर 1997 को उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए इंटरपोल ने भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
सीबीआई की जांच में पता चला है कि आरोपी इस मामले से संबंधित आपराधिक साजिश का सक्रिय सदस्य था। वह दुबई में था और अन्य प्रमुख फरार आरोपियों के साथ काम कर रहा था। उपरोक्त आरोपी पर यह भी आरोप है कि उसने दुबई में मुख्य फरार आरोपी द्वारा रखी गई साजिश की बैठक में भी भाग लिया था। इसी बैठक के बाद आरोपी को हथियार चलाने, बम बनाने और हथगोले फेंकने की ट्रेनिंग दी गई।