विशेष अदालत के समक्ष दायर आरोपपत्र में जांच एजेंसी ने कहा, टाइटलर ने एक नवंबर 1984 को पुल बंगश गुरुद्वारा आजाद मार्केट में जुटी भीड़ को उकसाया। इसके बाद भीड़ ने गुरुद्वारे में आग लगा दी और तीन सिखों ठाकुर सिंह, बादल सिंह व गुरचरण सिंह को मार डाला।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर शनिवार को कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। मामला दंगों के दौरान पुल बंगश से जुड़ा है, जहां भीड़ ने तीन लोगों को मार डाला था।
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विशेष अदालत के समक्ष दायर आरोपपत्र में जांच एजेंसी ने कहा, टाइटलर ने एक नवंबर 1984 को पुल बंगश गुरुद्वारा आजाद मार्केट में जुटी भीड़ को उकसाया। इसके बाद भीड़ ने गुरुद्वारे में आग लगा दी और तीन सिखों ठाकुर सिंह, बादल सिंह व गुरचरण सिंह को मार डाला। टाइटलर पर दंगा भड़काने, अवैध रूप से भीड़ जुटाने, हत्या व दंगों के लिए उकसाने, धार्मिक स्थल को क्षति पहुंचाने जैसे मामलों में कई धाराएं लगाई गई हैं। अदालत इस मामले पर 2 जून को संज्ञान लेगी। हालांकि, टाइटलर ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा, अगर मेरे खिलाफ सबूत हों, तो मैं खुद फांसी चढ़ने को तैयार हूं।
अप्रैल में लिए आवाज के नमूने
इस मामले में सीबीआई ने 11 अप्रैल को टाइटलर को आवाज के नमूने देने के लिए बुलाया था। जांच एजेंसी का कहना था कि उसे 38 साल पुराने इस मामले में कुछ नए साक्ष्य मिले हैं, जिसके लिए उनकी आवाज के नमूने लेना आवश्यक है।
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क्लीनचिट पर मचा था बवाल
टाइटलर के खिलाफ आरोपों से जुड़े मामले में सीबीआई तीन बार (वर्ष 2007, 2009 और 2014) क्लोजर रिपोर्ट लगा चुकी है और हर बार इसे लेकर बवाल मचता रहा है। तीसरी बार क्लीनचिट के बाद चार दिसंबर, 2015 में दिल्ली की अदालत ने सीबीआई को मामला फिर खोलने का आदेश दिया। इसी क्रम में वर्ष 2016 में जांच एजेंसी ने टाइटलर से पूछताछ की थी।