सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक को 93.44 करोड़ रुपये के कथित नुकसान के मामले में हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि 135 करोड़ रुपये का टर्म लोन मंजूर उद्देश्य से अलग इस्तेमाल किया गया। मुंबई में कई ठिकानों पर तलाशी हुई।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 93.44 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इस मामले में दो अक्तूबर को मुंबई में हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी की गई है। आरोप है कि हंजर बायोटेक एनर्जीज़ प्राइवेट लिमिटेड ने 'पंजाब नेशनल बैंक' को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।
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सीबीआई ने यह मामला 30 सितंबर को पंजाब नेशनल बैंक, एसएएम ब्रांच, मुंबई की शिकायत पर दर्ज किया है। यह मामला हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड, उसके डायरेक्टरों, गारंटरों, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अज्ञात निजी व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी की आपराधिक साजिश एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए दर्ज किया गया है। इसके कारण शिकायतकर्ता बैंक को लगभग 93.44 करोड़ रुपये का कथित गलत नुकसान हुआ।
सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची है। बैंक से संबंधित पार्टी के इनवॉइस पर 135 करोड़ रुपये का टर्म लोन लिया गया। उस पैसे को उन कामों के लिए इस्तेमाल किया या कहीं और भेज दिया, जिनके लिए उसे मंजूरी नहीं मिली थी। इसके चलते बैंक को आर्थिक नुकसान हुआ है।
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तलाशी के दौरान, सीबीआई ने जांच से जुड़े बैंक के दस्तावेज और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद किए हैं। साजिश की पूरी हद का पता लगाने, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों सहित इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पहचान करने और लोन के पैसे के अंतिम इस्तेमाल का पता लगाने के लिए जांच जारी है।