सीबीआई ने जवाहरलाल नेहरू कस्टम हाउस न्हावा शेवा में तैनात सीमा शुल्क विभाग के दो पूर्व उपायुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर माल के अवैध आयात की अनुमति देने के लिए कथित रूप से एक बिचौलिए से रिश्वत लेने का आरोप है।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि आरोपी दिनेश फुलदिया और सुभाष चंद्रा ने बिचौलिए सुधीर पाडेकर के माध्यम से कस्टम हाउस एजेंटों को सीमा शुल्क अधिनियम के 'निवास स्थानांतरण' खंड का फायदा उठाने में मदद की। प्रावधान के अनुसार, एक व्यक्ति जो दो साल से अधिक समय तक विदेश में रहता है, वह 5 लाख रुपये तक की छूट का दावा करके इस्तेमाल किए गए घरेलू सामान का आयात कर सकता है।
न्हावा शेवा के कस्टम हाउस एजेंटों ने ऐसे अलग-अलग व्यक्तियों से पासपोर्ट प्राप्त किए, जो दो साल से अधिक समय से विदेश में रह रहे हैं। आरोपी पूर्व सीमा शुल्क अधिकारियों के साथ षड्यंत्र कर अन्य व्यक्तियों के घरेलू सामान की खेप की निकासी के लिए उन पासपोर्ट का इस्तेमाल किया। एजेंटों ने पाडेकर के माध्यम से नकद (लाखों रुपये) और अन्य चीजों में भुगतान किया।