केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 50 लाख से अधिक के कथित रिश्वत मामले में सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी गेल के निदेशक (मार्केटिंग) ईएस रंगनाथन के खिलाफ केस दर्ज किया है और बिचौलिए सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने शुक्रवार को रंगनाथन के भीकाजी कामा प्लेस स्थित कार्यालय और नोएडा के सेक्टर 62 स्थित आवास समेत दिल्ली-एनसीआर के आठ ठिकानों पर छापे मारे।
अब तक इस मामले में 1.3 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। सीबीआई के प्रवक्ता आरसी जोशी ने कहा, सीबीआई ने जाल बिछाते हुए पवन गौड़ और एक निजी कंपनी के निदेशक राजेश कुमार गेल के निदेशक के लिए 10 लाख का रिश्वत लेते हुए पकड़ा। उसके बाद दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव, पंचकुला और करनाल में छापे के बाद करीब 84 लाख जब्त किए गए। आरोप है कि रंगनाथन ने गेल द्वारा पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर छूट देने के बदले में बिचौलिए से 50 लाख से अधिक की रिश्वत मांगी थी।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि रंगनाथन गौड़ और कुमार के साथ मिलकर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश में शामिल था। कुमार और गौड़ कथित तौर पर रंगनाथन के बिचौलिए के तौर पर निजी कंपनियों से रिश्वत की वसूली करता था। सूत्रों ने सीबीआई को बताया कि कुमार के निर्देश पर गौड़ ने रंगनाथन से पेट्रो केमिकल उत्पाद के खरीदारों को रिश्वत के बदले कुछ छूट देने को कहा था।
सीबीआई ने इस मामले में बिचौलिए पवन गौड़ और राजेश कुमार, एन रामकृष्णन नायर, कारोबारी सौरभ गुप्ता व पंचकुला स्थित उसकी कंपनी यूनाइटेड पॉलिमर इंडस्ट्रीज और आदित्य बंसल व करनाल स्थित उसकी कंपनी बंसल एजेंसी के खिलाफ केस दर्ज किया था।
कुमार और गौड़ ने रंगनाथन से नोएडा स्थित आवास पर की थी मुलाकात
आरोप के अनुसार रंगनाथन के नोएडा स्थित आवास पर पिछले साल 11 दिसंबर को कुमार और गौड़ प्रस्ताव पर बात करने के लिए बैठक की थी। दो दिन बाद गौड़ ने सूचना दी कि छूट का प्रस्ताव गेल ने मान लिया है। उसके बाद रिश्वत की राशि इक्टठी करने के लिए कुमार अन्य हितधारकों के संपर्क में था।
गेल की ओर से छूट पर अंतिम फैसला लिये जाने के बाद गौड़, कुमार और रंगनाथन 14 दिसंबर को फिर दिल्ली के पांच सितारा होटल में मिले और इस पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार 17 दिसंबर, 2021 को राजेश ने निजी कंपनियों से रिश्वत एकत्र कर रंगनाथन को दिये। उसके बाद 18 दिसंबर, 2021 को रंगनाथन के निर्देश पर नायर ने 40 लाख रिश्वत एकत्र किए।