केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के मुंबई स्थित एक अधिकारी और जेट एयरवेज के 13 पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन्होंने भविष्य निधि दावों को निपटाने के लिए अधिकारी को रिश्वत दी थी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
ईपीएफओ की विजिलेंस द्वारा की गई जांच में मच्छिन्दर जगन्नाथ बामने की कथित धोखाधड़ी का पता चला था। जिसके बाद मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था। बामने ईपीएओ के कांदिवली (पूर्व) स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के लेखा अनुभाग में वरिष्ठ सामाजिक सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात था।
यह बात सामने आई कि बामने ने अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों में विभिन्न प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों से उनके दावे के निपटान के बदले ऑनलाइन बैंकिंग के कई तरीकों से अवैध लाभ प्राप्त किया। आरोप है कि जेट एयरवेज के 13 कर्मचारियों ने उनके और उनकी पत्नी के खातों में 1.77 लाख रुपये जमा कराए थे।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है, 'विभिन्न प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों के बैंक खातों में संबंधित डेबिट प्रविष्टियों के साथ अधिकारी और उनकी पत्नी के खातों में ऑनलाइन क्रेडिट प्रविष्टियों को क्रॉस सत्यापित करके जांच में इस पहलू की पुष्टि की गई है, जिनके पीएफ दावों का बामने ने निपटारा किया था।'
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने बामने, उनकी पत्नी और जेट एयरवेज के 13 पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।