केंद्रीय जांच ब्यूरो के अनुसार ऑपरेशन चक्र-III एक परिष्कृत साइबर-सक्षम वित्तीय अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए किया गया था जो 2022 से कई देशों में संचालित हो रहा है। सीबीआई के अंतर्राष्ट्रीय संचालन प्रभाग ने 22 जुलाई, 2024 को धोखाधड़ी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के अपराधों के लिए मामला दर्ज किया।
दिल्ली-NCR समेत सात जगहों पर ली गई थी तलाशी
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की तरफ से दिल्ली, गुड़गांव और नोएडा में सात स्थानों पर तलाशी ली गई। इस तलाशी के दौरान यह पता चला कि इस नेटवर्क में अंतरराष्ट्रीय साइबर-सक्षम वित्तीय अपराधों को मुख्य रूप से डीएलएफ साइबर सिटी, गुरुग्राम से संचालित एक कॉल सेंटर से निर्देशित वितरित केंद्रों में समन्वित किया जा रहा था। इन तलाशियों के दौरान, लाइव साइबर-आपराधिक ऑपरेशनों को रोका गया और पर्याप्त सबूत एकत्र किए गए।
छापेमारी के दौरान टीम मिले थे कई अहम दस्तावेज
वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच टीमों ने अब तक 130 कंप्यूटर हार्ड डिस्क, 65 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, आपत्तिजनक दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन विवरण, कॉल रिकॉर्डिंग, पीड़ितों का विवरण और पीड़ितों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की गई टेप बरामद की हैं। सीबीआई की जांच के दौरान यह पता चला है कि अपराध की आय कई देशों से हांगकांग में लाई गई थी। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
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