ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। पटनायक ने पत्र में ममता बनर्जी से मांग की है कि ओडिशा के लिए आलू की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मामले में हस्तक्षेप करें। दरअसल, ओडिशा में आलू के दाम आसमान छू रहे हैं। पटनायक ने कहा कि बारिश की वजह से ओडिशा में आलू की आपूर्ति में कमी आ रही है और इस वजह से राज्य में इसके दाम बढ़ने से आम जनता परेशान है।
नवीन पटनायक का ममता बनर्जी के नाम पत्र?
पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ममता बनर्जी के नाम पत्र में लिखा, ‘मुझे जानकारी मिली है कि आलू से भरे हुए करीब 50 ट्रक बंगाल-ओडिशा सीमा पर खड़े हैं। पहले भी आपने ऐसे मौकों पर ओडिशा के लोगों की मदद की है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लोगों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं। हम सभी महाप्रभु जगन्नाथ के भक्त हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि ओडिशा के लिए आलू की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आप इस मामले में हस्तक्षेप करें। मुझे आपके सहयोग की प्रतीक्षा है।’ दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार ने दूसरे राज्यों को आलू निर्यात करने के लिए नियम तैयार किए हैं। स्थानीय बाजार में आलू की कीमतों पर नियंत्रण करने के लिए तृणमूल सरकार ने यह फैसला लिया है। इसके फैसले विरोध में पश्चिम बंगाल में आलू व्यापारियों ने 21 जुलाई से हड़ताल पर चले गए थे। इस वजह से आलू के दाम बढ़ गए। बुधवार को हड़ताल खत्म होने के बाद स्थानीय बाजार में आलू की आपूर्ति सामान्य रूप से शुरू होने लगी।
ओडिशा सरकार ने क्या कहा?
उधर, ओडिशा सरकार का कहना कि आलू की मांग को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश से आलू खरीदने पर विचार किया जा रहा है। भुवनेश्वर में आलू के गोदाम के निरीक्षण करने के बाद खाद्य आपूर्ति मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा का कहना है कि राज्य के पास एक सप्ताह के लिए आलू का भंडार मौजूद है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जो भी लोग आलू को महंगे दामों में बेच रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पात्रा के अनुसार व्यापारी 26 रुपये प्रति किलो आलू खरीद रहे हैं, तो ऐसे में ग्राहकों को 35 रुपये प्रति किलो की दर से आलू मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आलू 50 रुपये किलो बेचा जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर पश्चिम बंगाल से आलू की आपूर्ति नहीं हुई, तो ओडिशा को भी बंगाल को वस्तुओं की आपूर्ति रोकनी पड़ेगी।