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GDCE Paper Leak: रेलवे भर्ती पेपर लीक मामले में दो गिरफ्तार, कई उपकरण भी बरामद; CBI मास्टरमाइंड पर क्या बोली?

Sat, 04 Jul 2026 10:19 PM IST
Pavan पीटीआई, नई दिल्ली

सार

सीबीआई ने दक्षिण पश्चिम रेलवे की GDCE-2022 भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में बंगलूरू से दो कथित मास्टरमाइंड, पालवोई अशोक और शेख जिलानी को गिरफ्तार किया है। उनके ठिकानों से स्कैनर, प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, परीक्षा रिकॉर्ड और अभ्यर्थियों का डेटा बरामद हुआ है।
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CBI ने दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार किए - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दक्षिण पश्चिम रेलवे की विभागीय भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का दावा है कि दोनों आरोपी पेपर लीक गिरोह के मास्टरमाइंड हैं और रेलवे भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी कराने में उनकी अहम भूमिका रही है। सीबीआई के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पालवोई अशोक और शेख जिलानी के रूप में हुई है। दोनों को शुक्रवार को बंगलूरू से गिरफ्तार किया गया।
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गुड्स ट्रेन मैनेजर के पद पर भर्ती के लिए थी परीक्षा
यह मामला जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (GDCE)-2022 से जुड़ा है। यह परीक्षा दक्षिण पश्चिम रेलवे में गुड्स ट्रेन मैनेजर के पद पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। आरोप है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक कर चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था। सीबीआई ने बताया कि इस मामले में पहले दक्षिण पश्चिम रेलवे की शिकायत पर 23 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सरकारी कर्मचारी द्वारा अवैध लाभ लेने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पालवोई अशोक और शेख जिलानी की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया।
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स्कैनर, प्रिंटर समेत कई अन्य उपकरण भी बरामद
जांच के दौरान सीबीआई ने दोनों आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। वहां से कई अहम दस्तावेज, रेलवे परीक्षाओं में कथित धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्कैनर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड तथा अभ्यर्थियों का विवरण बरामद किया गया। एजेंसी के अनुसार जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि दोनों आरोपी प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश में शामिल थे। वे परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाने का काम करते थे, ताकि उन्हें अनुचित लाभ मिल सके।
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चार दिन की सीबीआई हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपी
सीबीआई का कहना है कि अब तक की जांच में दोनों की भूमिका इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क के मुख्य संचालकों (किंगपिन) के रूप में सामने आई है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह का संबंध अन्य रेलवे भर्ती परीक्षाओं या दूसरे राज्यों में हुए पेपर लीक मामलों से तो नहीं है। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को बंगलूरू की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें चार दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। इस दौरान एजेंसी उनसे पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरे षड्यंत्र का पता लगाने की कोशिश करेगी।
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