एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों की पहचान पीक्यूएस, फरीदाबाद में संयुक्त निदेशक (प्लांट पैथोलॉजी) संजय आर्य और विशाखापत्तनम में तत्कालीन पादप संरक्षण अधिकारी (पीपीओ) पदम सिंह के रूप में की गई है।
सीबीआई ने रिश्वत लेकर एक मामले की जांच को बंद करने के आरोप में पादप संरक्षण और भंडारण निदेशालय (पीपीक्यूएस) के दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीपीक्यूएस भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत पौध संरक्षण प्रभाग की एक एजेंसी है।
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एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों की पहचान पीक्यूएस, फरीदाबाद में संयुक्त निदेशक (प्लांट पैथोलॉजी) संजय आर्य और विशाखापत्तनम में तत्कालीन पादप संरक्षण अधिकारी (पीपीओ) पदम सिंह के रूप में की गई है। प्राथमिकी में कहा गया है कि संजय आर्य ने पदम सिंह के खिलाफ राजेश आचार्य की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर जांच की थी।
शिकायत में राजेश आचार्य ने आरोप लगाया था कि पदम सिंह निर्यातकों से पैसे की मांग कर रहे थे। इस दौरान, संजय आर्य ने मई 2022 में विशाखापत्तनम का दौरा किया और शिकायतकर्ता से पूछताछ की। इसमें कहा गया है, जांच पूरी होने के बाद, संजय आर्य ने सबूतों के अभाव में शिकायत को बंद करने की सिफारिश की।