कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया,उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि हमने प्रदेश में संकट के दौरान कर्नाटक किन परिस्थितियों से जूझ रहा है इस पर चर्चा की है।
जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया,उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और राज्य कैबिनेट के अन्य मंत्रियों ने मीडियो को संबोधित किया। इस दौरान डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बताया कि सीएम के नेतृत्व में हमने कल यानी बुधवार को केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। ऐसे परिस्थितियों में पूरा कर्नाटक राज्य एकजुट है।
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हम सभी यह देखने के लिए एक साथ आए हैं कि हमें किसानों के हितों की रक्षा करनी है। हमारे पास ऑन रिकॉर्ड है कि प्रदेश में संकट के दौरान कर्नाटक की क्या स्थिति है। हमारी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। हमें पीने के पानी का प्रबंध करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हमने जलशक्ति मंत्री से अपील की है कि इन समस्याओं का जल्द समाधान हो और उन्होंने हमें आश्ववसन भी दिया है कि न्याय होगा।
सुप्रीम कोर्ट में होगी अपील
गौरतलब है कि कावेरी जल विवाद के चलते कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया मंगलवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे। उन्होंने बुधवार को दिल्ली में कहा कि राज्य को सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। ऐसे में राज्य सरकार कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के आदेश के खिलाफ निषेधाज्ञा के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी।
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इस आदेश में तमिलनाडु को 28 सितंबर तक प्रतिदिन लगभग 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का प्रावधान है। साथ ही सिद्दारमैया ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की भी मांग की है।
पांच हजार क्यूसेक पानी छोडने की बनी सहमति
बता दें कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) का आदेश 18 सितंबर को आया था। यह निर्देश सोमवार को एक आपातकालीन बैठक के बाद आया जिसमें कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों ने अपने प्रतिनिधि भेजे थे।
बैठक में कर्नाटक ने कहा था कि वह 3,000 क्यूसेक पानी छोड़ सकता है जबकि तमिलनाडु ने 12,500 क्यूसेक पानी की मांग की। हालांकि, अगले 15 दिनों के लिए 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने पर सहमति बनी है।