सीबीआई ने आज पश्चिम बंगाल में पशु तस्करी केस में बोलपुर में छापा मारकर टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार कर लिया। मंडल टीएमसी के वीरभूम जिला अध्यक्ष हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने मंडल को गिरफ्तार करने के बाद उनका मेडिकल कराने अस्पताल लेकर गई। पशु तस्करी केस को लेकर यह कार्रवाई की गई है। सीबीआई इस मामले में मंडल के बॉडीगार्ड सैगल हुसैन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
इसके बाद अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने आसनसोल के विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया। जिस समय वे अनुब्रत मंडल को लेकर जा रहे थे, तब कोर्ट के बाहर चोर-चोर के नारे लगे और जूते दिखाए गए। इसके बाद उन्हें 10 दिन की हिरासत में भेज दिया गया।
इससे पूर्व एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले में मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद सीएम व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को यह एक और झटका है। पार्थ चटर्जी को बाद में ममता बनर्जी ने मंत्री पद से हटा दिया था। वह अभी जेल में हैं।
मंडल बीरभूम जिले के बाहुबली तृणमूल नेता हैं। पिछले दिनों उन्हें सीबीआई ने तलब किया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे थे। इस मामले में केंद्रीय एजेंसी ने बीरभूम जिले में उनके करीबी लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहां से भारी संख्या में नकदी बरामद हुए थे। मंडल को सीबीआई ने 10 समन भेजे थे। इसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया था। हालांकि, इससे पहले दो बार सीबीआई उनसे पूछताछ कर चुकी है।
2020 में दर्ज किया था केस
सीबीआई ने 2020 में पशु तस्करी के मामले में केस दर्ज किया था। इसमें अनुब्रत मंडल का नाम भी सामने आया था। सीबीआई के मुताबिक 2015 से 2017 के दौरान सीमा सुरक्षा बल को 20,000 से ज्यादा पशुओं के कटे सिर मिले थे।
मंडल की गिरफ्तारी संवदेनशील मामला: मदन मित्रा
टीएमसी नेता मदन मित्रा ने कहा है कि अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी संवेदनशील मामला है। इस पर पार्टी प्रवक्ता ही टिप्पणी कर सकते हैं, लेकिन सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं किया जाएगा।
कोयला घोटाले में आठ आईपीएस दिल्ली तलब
उधर, ईडी ने कोयला घोटाले मामले में ईडी ने सुकेश जैन, ज्ञानवंत सिंह, राजीव मिश्रा, श्याम सिंह, सेल्वा मुरुगन, कोटेश्वर राव समेत पश्चिम बंगाल के आठ आईपीएस अधिकारियों को अगले हफ्ते दिल्ली में तलब किया है।
नजर है... सही वक्त पर फैसला लेंगे
तृणमूल कांग्रेस के सांसद शांतनु सेन ने कहा, पार्टी पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रही है। सही वक्त आने पर उचित फैसला लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस भ्रष्टाचार के नाम पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगी। पार्टी भ्रष्टाचार और गलत आचरण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है।
बीरभूम जिले में टीएमसी के संस्थापक सदस्य हैं अणुब्रत
अणुब्रत मंडल बीरभूम में टीएमसी के जिलाध्यक्ष हैं। इसके अलावा अणुब्रत मंडल वेस्ट बंगाल रूरल डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन भी हैं। अणुब्रत बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस के फाउंडर मेंबर में से एक हैं। उनको टीएमसी का प्रभावशाली नेता माना जाता है। वो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी लोगों में हैं। कहा जाता है कि बिना उनसे सलाह-मशविरे के ममता बनर्जी भी इस जिले को लेकर कोई फैसला नहीं करतीं। अणुब्रत मंडल को केष्टो मंडल के नाम से जाना जाता है।
गिरफ्तारी ने पुख्ता किया तृणमूल का भ्रष्टाचार : भाजपा
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए कहा, अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी से एक बार फिर साबित हो गया कि तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबी है। पहले चटर्जी और अब मंडल, दोनों ही पार्टी हाईकमान के करीबी नेता भ्रष्टाचार में गिरफ्तार हैं। हम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मंडल की गिरफ्तारी पर आगे आकर बयान देने की मांग करते हैं। वहीं, माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा, मंडल बीरभूम जिले में खुद को कानून से भी ऊपर मानते थे और तृणमूल नेतृत्व उनकी करतूतों पर पर्दा डाले रही और नजरअंदाज करती रही।