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हैदराबाद: भड़काऊ भाषण देने पर अकबरुद्दीन ओवैसी और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष बांदी पर केस दर्ज

Sat, 28 Nov 2020 09:04 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
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akbaruddin owaisi
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हैदराबाद के एसआर नगर पुलिस स्टेशन में शनिवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी और तेलंगाना प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बांदी संजय के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (जीएचएमसी) के चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिया था।

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एसआर नगर के पुलिस निरीक्षक सईदुलु ने कहा कि इन दोनों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 505 के तहत मामला दर्ज किया गया। ओवैसी पर पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव और तेदेपा संस्थापक एन टी रामा राव की समाधियों के बारे में टिप्पणी करने के लिए मामला दर्ज किया गया।ओवैसी की टिप्पणी का जवाब देने के लिए कुमार पर मामला दर्ज किया गया। 




क्या था मामला 
ओवैसी ने 25 नवंबर को कहा था कि अगर जलाशयों के पास रहने वाले गरीब लोगों को हटाया जा सकता है, तो क्या हुसैन सागर झील के किनारे स्थित पी वी नरसिंह राव और एन टी रामा राव की समाधियों को भी हटाया जाएगा। उनके इस बयान को सत्तारूढ़ दल तेलंगाना राष्ट्र समिति और भाजपा ने ‘अनुचित’ बताया था और माफी की मांग की थी।
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एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि जब हुसैन शाह वली ने इस झील को बनाया था, तब इसका किनारा 4,700 एकड़ की जमीन में फैला था, लेकिन अब यह 700 एकड़ की जमीन में भी नहीं रह गया है। इस पर अकबरुद्दीन ने कहा कि चार हजार एकड़ जमीन कहां गई?

उन्होंने आगे कहा कि यहां नेकलेस रोड बनाया गया, दुकानें बनाई गईं, नरसिम्हा राव और एनटी रामाराव की समाधियां और लुम्बिनी पार्क बनाया गया। इधर तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष बांदी संजय ने अकबरुद्दीन का नाम लिए बिना पलटवार किया और कहा कि क्या उनमें इन दोनों दिवंगत नेताओं की समाधियां हटाने की हिम्मत है?

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संबित पात्रा ने किया एआईएमआईएम पर हमला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को कहा कि हैदराबाद के लोगों को एक दिसंबर को हो रहे नगर निगम के चुनाव में यह तय करना होगा कि वे विकासोन्मुखी भाजपा का महापौर चाहते हैं या विभाजनकारी राजनीत करने वाली एआईएमआईएम का महापौर। 

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, 'हैदराबाद के लोगों को यह चुनना होगा कि किसका महापौर बनने जा रहा है? यह भाजपा का महापौर होगा या एमआईएम (आईएमआईएम) का ? भाजपा का विकासोन्मुखी महापौर या एमआईएम का सांप्रदायिक राजनीति, विभाजनकारी राजनीति वाला महापौर, क्योंकि यह पार्टी बहिष्कार की राजनीति करती है।'

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को वोट देने का मतलब टीआरएस के लिए मतदान करना है जबकि टीआरए के लिए वोट का मतलब एआईएमआईएम के लिए मतदान है। वृहद हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के चुनाव के सिलसिले में अपनी पार्टी की ओर से यहां संवाददाता सम्मेलन में पात्रा ने कहा कि भाजपा वृहद हैदराबाद नगर निगम का चुनाव लड़ रही है जबकि 'परिवार एवं मित्र' (उनका इशारा टीआरएस और एआईएमआईएम की ओर था) एफएफएमसी प्राइवेट लिमिटेड यानी परिवार, मित्र प्राइवेट लिमिटेड के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। 

टीआरएस और एआईएमआईएम के बीच कोई गठबंधन नहीं होने के टीआरएस ने नेताओं की टिप्पणी पर उन्होंने याद दिलाया कि टीआरएस ने 2019 में लोकसभा के चुनाव में 17 में से 16 सीट रखी थी और हैदराबाद की सीट एआईएमआई के लिए छोड़ी थी।
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