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110 करोड़ रुपये की मूर्तियां 1971 में हुई थीं चोरी, अब दर्ज हुआ मामला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sat, 16 Feb 2019 04:08 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर

तमिलनाडु के तंजावुर शहर में साल 1971 और 1972 में 110 करोड़ रुपये की प्राचीन मूर्तियों की चोरी हुई थी। चोरी होने के करीब 47 साल बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मूर्तियों की चोरी कुंभकोणम के नटनपुरेश्वर मंदिर से हुई थी। इन मूर्तियों में पहली एक फीट की है और दूसरी मूर्ति डेढ़ फीट की भगवान कृष्ण की है।



इन मूर्तियों में अगस्तियार की मूर्ति, छह इंच की अय्यनर, एक छह इंच की अम्मन की मूर्तियां भी शामिल हैं। मूर्तियों की चोरी 12 मई, 1971 में मंदिर का दरवाजा तोड़कर की गई थी। ये सभी मूर्तियां 60 करोड़ रुपये की थीं।


वहीं एक अन्य मूर्ति की शिव मंदिर से साल 1972 में चोरी की गई थी। गांव के 1300 साल पुराने मंदिर से चोरी हुई ये मूर्ति 50 करोड़ रुपये की थी। सभी मूर्तियां अभी तक बरामद नहीं हो पाई हैं। पुलिस का कहना है कि मंदिर के ट्रस्टी सुब्रमण्यम अय्यर और वेंकटरामा अय्यर की ओर से बार-बार कहने के बाद भी केस नहीं दर्ज किया गया था। तभी से मामला लंबित था।


पुलिस का कहना है कि मूर्ति चोरी होने की दूसरी घटना के बाद मंदिर में स्थित बाकी मूर्तियों को सुरक्षित लॉकर में शिफ्ट कर दिया गया था। स्थानीय पुलिस के पास इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि इतने सालों से मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ।


अब ये माना जा रहा है कि मूर्तियों में से एक नटराज की मूर्ति थी, जिसके इंग्लैंड में होने की उम्मीद है। जहां से उसकी तस्करी करके अमेरिका ले जाया गया है। पुलिस के पास ऐसी शिकायतें भी आई हैं कि लॉकर में बंद मूर्तियों को नकली मूर्तियों से बदल दिया गया है। इन मूर्तियों की पहचान के लिए जांच जारी है।

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