डीसीपी प्रशांत कदम ने बताया कि मुंबई के एक स्थानीय प्रकाशन के संपादक और उनकी टीम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि संपादक और उनकी टीम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर पीएम मोदी के 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम के भाषणों के संकलन के साथ आने का दावा करके लोगों से पैसे वसूले हैं।
पीएम मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है। कई लोग तो हर महीने के आखिरी रविवार को इसका बेसब्री से इंतजार भी करते हैं। वहीं, मुंबई में पीएम के इस रेडियो कार्यक्रम में उनके द्वारा दिए गए भाषणों का संकलन करके किताब प्रकाशित करने का झांसा देकर लोगों के पैसे वसूलने का एक मामला सामने आया है। डीसीपी प्रशांत कदम ने इसके बारे में जानकारी दी है।
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डीसीपी प्रशांत कदम ने बताया कि मुंबई के एक स्थानीय प्रकाशन के संपादक और उनकी टीम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि संपादक और उनकी टीम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर पीएम मोदी के 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम के भाषणों के संकलन के साथ आने का दावा करके लोगों से पैसे वसूले हैं।
डीसीपी प्रशांत कदम ने आगे बताया कि आरोपी संपादक ने दावा किया कि वे सार ग्रंथ नामक एक पुस्तक प्रकाशित करेंगे, जिसे 2023 में राष्ट्रपति द्वारा लॉन्च किया जाएगा। इस पुस्तक में मासिक कार्यक्रम मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए भाषणों का संकलन होगा। डीसीपी ने आगे बताया कि वे लोगों के बीच इसे लेकर गलत सूचना फैला रहे थे। इतना ही नहीं, इसके लिए उन्होंने कई बड़े उद्योगपतियों और अन्य लोगों से पैसे भी मांगे थे। फिलहाल उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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गौरतलब है कि मन की बात आकाशवाणी पर प्रसारित किया जाने वाला एक कार्यक्रम है। इसके जरिये भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के नागरिकों को संबोधित करते हैं। इस कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया था।