भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और सांसद केशव प्रसाद मौर्य को लेकर सोशल मीडिया पर शुक्रवार को वायरल हुए विवादित पोस्टर पर काशी का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। विवादित पोस्टर सोशल मीडिया पर उस समय वायरल हुआ, जिस समय भाजपा के स्थानीय नेता मौर्य के पहली बार वाराणसी आगमन पर उनके स्वागत की तैयारी कर रहे थे।
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शहर के पांडेयपुर मोहल्ले के निवासी रूपेश पांडेय ने सुर्खियां बटोरने के लिए पोस्टरबाजी का यह हथकंडा अपनाया है। रंग-बिरंगे इस पोस्टर पर लिखा है ‘रक्षमाम् केशव:’ बीच में सुदर्शनचक्रधारी कृष्ण के रूप में मौर्य को दिखाया गया है। बीच में उत्तर प्रदेश के रूप में चित्रित ऐसी बेबस स्त्री जिसका गैर भाजपा नेता चीरहरण कर रहे हैं। बाएं कोने में ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की चित्र है। नीचे लिखा ‘कलियुग में केशव केवल उपदेश नहीं देते, युद्ध भी करते हैं।’
इस बीच रात करीब साढ़े नौ बजे सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल की तहरीर पर कोतवाली थाने में रूपेश पांडेय और अन्य के खिलाफ आईटी एक्ट सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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भाजपा ने कहा, रूपेश पार्टी कार्यकर्ता नहीं
केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala bureau
वहीं भाजपा नेताओं ने रूपेश को कार्यकर्ता तक मानने से इनकार कर दिया। भाजपा की जिला इकाई ने कहा कि रूपेश कभी भी किसी पद पर नहीं रहे हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि पार्टी और मौर्य का इस पोस्टर से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, रूपेश ने कहा, मैं भाजपा का सदस्य हूं और मैंने ही पोस्टर बनवाया है। रूपेश का कहना है कि वे बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रहे। इसके बाद 1989 से भाजपा के सदस्य हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा में उनकी पूरी आस्था है। पोस्टर जारी करने के बारे में रूपेश ने कहा, ‘प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद केशव प्रसाद मौर्य पहली बार काशी आ रहे थे, इसलिए उनके स्वागत में पोस्टर बनवाया। शहर में बड़े पैमाने पर पोस्टर लगवाना चाहते थे लेकिन रामनवमी के त्योहार की वजह से कोई लगाने वाला नहीं मिला। इसके बावजूद पांडेयपुर में पोस्टर लगवाए। फिर फेसबुक और वाट्सएप के जरिए पोस्टर लोगों तक पहुंचाया..। किसी की भावना आहत हो, ऐसी उनकी कोई मंशा नहीं थी।’
वहीं, सोशल मीडिया में पोस्टर वायरल होने के बाद राजनीतिक दलों में खलबली मची। केशव मौर्य के सिगरा गुलाबबाग स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचने से पहले सपाजन सिगरा चौराहे पर जुटे और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पुतला फूंका। साथ में नारेबाजी करते हुए विवादित पोस्टर भी जलाए। इसके बाद शाम ढलते ही सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, मनोज राय धूपचंडी, रीबू श्रीवास्तव समेत कई सपा नेता विवादित पोस्टर प्रकरण में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंच गए थे।
स्वागत में बनाए गए किसी पोस्टर की जानकारी नहीं: केशव मौर्य
वाराणसी पहुंचने पर भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य से जब मीडियाकर्मियों ने विवादित पोस्टर के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, मुझे ऐसे किसी पोस्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं लगातार सफर में हूं। यहां आने पर चर्चा सुनी तो पार्टी के काशी क्षेत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य को मामले की जानकारी लेने के लिए कहा है। जल्द ही मामला स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में क्षेत्रीय अध्यक्ष ही जानकारी देंगे।
स्वागत समारोह में दो-तिहाई कुर्सियां खाली
- फोटो : amar ujala bureau
भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश में विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। दशकों से विकास की बाट जोह रहे प्रदेश के लोगों को भाजपा विकास की राह सुझाएगी। वह शुक्रवार की रात करीब 08:30 बजे पार्टी के गुलाबबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस मौके पर मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यूपी में कानून का राज ध्वस्त हो चुका है। हर ओर अराजकता हावी है। इसके चलते देश-दुनिया में उत्तर प्रदेश की नकारात्मक छवि बन रही है। उन्होंने दावा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को 265 से अधिक सीटें मिलेंगी और हम प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था के साथ-साथ छवि भी सुधारेंगे। हमारी लड़ाई परिवारवाद, जातिवाद और भ्रष्टाचार से है।
केशव मौर्य ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में आकर सकारात्मक ऊर्जा मिली है। हम आगामी विधानसभा चुनाव में वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव का इतिहास दोहराएंगे।
हालांकि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार वाराणसी आए केशव प्रसाद मौर्या के स्वागत में भाजपा कार्यालय के सामने भीड़ ही नहीं जुटी। स्वागत समारोह में दो-तिहाई कुर्सियां खाली दिखाई पड़ीं।