एनआईए अफसर तंजील अहमद और मुनीर के बीच मर्डर से दस दिन पहले दिल्ली में तकरार भी हुई थी। इस तकरार को भी तंजील अहमद ने हल्के में लिया। तंजील को इस बात का कतई अंदेशा नहीं था कि मुनीर कभी उनकी हत्या कर सकता है। एक सच्चाई यह भी है कि धामपुर के बैंक लूट में अगर मुनीर पुलिस के पहले हाथ लग गया होता तो शायद तंजील व उसकी पत्नी का मर्डर नहीं होता। उधर, मुनीर की तलाश में बिजनौर पुलिस ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है। पुलिस को शक है कि मुनीर व सऊद लखनऊ में छिपे हो सकते हैं।
हिस्ट्रीशीटर मुनीर को पुलिस धामपुर बैंक की 91 लाख की लूट में तलाश कर रही थी। मुनीर के दोस्त तंजीम व रिजवान को पुलिस ने मुनीर को पकड़ने के लिए कई बार उठाया भी था। पुलिस के एक आला अफसर के मुताबिक दोनों दोस्तों ने पुलिस से मुनीर को पकड़वाने का वादा किया था। पुलिस को गच्चा देकर तंजीम व रिजवान दिल्ली गए और पुलिस की सारी बात मुनीर को बताई। मुनीर ने सोचा कि सहसपुर में ऐसा कौन व्यक्ति हो सकता है, जो पुलिस को मेरी बातें बता रहा है। सबने एक साथ तंजील अहमद का नाम लिया, जबकि तंजील अहमद का इन सबसे दूर तक कोई वास्ता नहीं था।
बैंक लूट में मुनीर तक पुलिस खुद पहुंची थी। मुनीर की एक बार लोकेशन मथुरा में भी मिली थी। तंजील को नहीं मालूम था कि उसे मारने के लिए मुनीर तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक मर्डर से दस दिन पहले तंजील व मुनीर में दिल्ली में किसी बात पर तकरार भी हुई थी। इस तकरार को भी तंजील ने हल्के में लिया और चौकसी नहीं बरती। तंजील को इस बात का अंदेशा नहीं था कि मुनीर उनका मर्डर करने के चक्कर में लगा है। मुनीर के तंजील की तरफ से कान भरने में दोस्त तंजीम, रिजवान व रैय्यान कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। मुनीर ने प्लान बनाकर तंजील अहमद को मार डाला। इन सबमें मुनीर ने तंजील के साथ उनकी पत्नी फरजाना को भी अपना शिकार बना डाला।
छह हथियार है मुनीर के पास
पुलिस के मुताबिक बेहद शातिर मुनीर के पास छह हथियार है। इन हथियारों में दो नाइन एम एम के पिस्टल, दो रिवाल्वर के अलावा एक और कोई बड़ा हथियार व चाकू भी है। चाकू भी मुनीर हर समय अन्य हथियारों के साथ अपने पास रखता है।